आगामी कांवड यात्रा और त्यौहारों पर रहें अलर्ट
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। आगामी कांवड़ यात्रा और सभी प्रमुख पर्वों को जीरो इंसिडेंट एवं जीरो एक्सीडेंट के लक्ष्य के साथ शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए डीजीपी राजीव कृष्ण ने मगंलवार को पुलिस मुख्यालय में बैठक की। बैठक में संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, कांवड़ मार्गों, शिविरों और घाटों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था एवं सुचारु यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीजीपी ने प्रदेश के सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक (प्रभारी जनपद) के साथ ऑनलाइन माध्यम से सख्त निर्देश दिए। डीजीपी ने निर्देश दिए कि न्यायालय एवं शासन के निर्देशों के अनुरूप कांवड़ यात्रा में डीजे की ऊंचाई और ध्वनि स्तर का पालन कराया जाए।
टेथर्ड ड्रोन, सीसीटीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार निगरानी रखने तथा पड़ोसी राज्यों और सीमावर्ती जनपदों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। अपराध नियंत्रण की समीक्षा के दौरान डीजीपी ने हत्या, डकैती, लूट, चेन स्नैचिंग जैसे गंभीर अपराधों के लंबित मामलों का शीघ्र खुलासा करने और सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट एवं गुंडा एक्ट जैसी प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके आलावा बैठक में यक्ष ऐप की कार्यप्रणाली पर विशेष जोर देते हुए डीजीपी ने कहा कि बीट सूचना ही यक्ष ऐप की आत्मा है। उन्होंने सभी 21 केटेगरी में सटीक और प्रभावी सूचनाएं दर्ज कराने, सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने तथा सत्यापन के दौरान लापता पाए जाने वाले अपराधियों की तलाश के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को ऐप में दर्ज सूचनाओं की नियमित निगरानी करने और मादक पदार्थों, अवैध शराब, तस्करी, धार्मिक मतांतरण सहित संवेदनशील गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां भी अनिवार्य रूप से दर्ज कराने को कहा। थानों में लंबे समय से खड़े जब्त वाहनों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान अलीगढ़ और रायबरेली पुलिस द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की गई। सभी जनपदों और कमिश्नरेट को डंपिंग यार्ड विकसित कर थानों में खड़े वाहनों को वहां स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में लंबित विवेचनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए विकसित केस डायरी मॉनिटरिंग डैशबोर्ड का भी प्रस्तुतीकरण किया गया। इस पोर्टल के माध्यम से 60 एवं 90 दिन की समयसीमा वाली विवेचनाओं के संबंध में पर्यवेक्षक अधिकारियों और विवेचकों को 15 दिन पहले ही अलर्ट प्राप्त होगा।
जिससे मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर डीजीपी ने बताया कि मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना के छह माह पहले और छह माह बाद के आंकड़ों की समीक्षा में दहेज हत्या के मामलों में लगभग 43 प्रतिशत तथा दहेज प्रताड़ना के मामलों में करीब 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा जारी रखने के निर्देश दिए। यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने कहा कि जेडएफडी अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
उन्होंने बताया कि एक जनवरी से 30 जून 2026 की अवधि में वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में नौ प्रतिशत तथा मृत्यु दर में 10 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे 800 से अधिक लोगों का जीवन बचाया जा सका। आरटीसी स्कीम के अंतर्गत गूगल मैप्स आधारित रियल-टाइम ट्रैफिक प्रबंधन एवं रूट मार्शल की व्यवस्था से तीन माह में चोक पॉइंट्स में 17 प्रतिशत की कमी तथा चयनित मार्गों पर यात्रा के औसत समय में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।










