शबरी की भक्ति देख भावविभोर हुए श्रद्धालु, श्रीराम कथा में गूंजे जयकारे

हैदरगढ़ बाराबंकी।मनोकामना हनुमान मंदिर के समीप आयोजित श्रीराम कथा के आठवें दिन अंतरराष्ट्रीय कथावाचक देवी ऋचा मिश्रा ने भगवान श्रीराम और माता शबरी के भक्तिमय प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम अपने भक्तों के प्रेम और श्रद्धा के वशीभूत रहते हैं। सच्चे मन से की गई भक्ति से ही प्रभु की कृपा प्राप्त होती है।
कथावाचक देवी ऋचा मिश्रा ने बताया कि माता सीता की खोज करते हुए भगवान श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण के साथ मतंग ऋषि के आश्रम पहुंचे, जहां उनकी भेंट परम भक्त माता शबरी से हुई। शबरी वर्षों से अपने गुरु के वचनों पर विश्वास करते हुए प्रभु श्रीराम के आगमन की प्रतीक्षा कर रही थीं। उन्हें पूर्ण विश्वास था कि एक दिन भगवान श्रीराम उनकी कुटिया में अवश्य आएंगे।
उन्होंने शबरी के जूठे बेर खाने के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि माता शबरी प्रत्येक बेर को चखकर भगवान को मीठे बेर खिलाती हैं। प्रभु श्रीराम भी उनके निष्कपट प्रेम और अनन्य भक्ति को स्वीकार करते हुए बड़े प्रेम से बेर खाते हैं। यह प्रसंग संदेश देता है कि भगवान के लिए जाति, कुल और वैभव नहीं, बल्कि भक्त का निर्मल हृदय और सच्ची श्रद्धा महत्वपूर्ण है। कथावाचक ने आगे बताया कि भगवान श्रीराम ने माता शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश दिया। इसमें संतों का संग, भगवान की कथा में प्रेम, गुरु की सेवा, प्रभु के गुणों का गायन और निष्कपट भाव से भक्ति करना प्रमुख है। उन्होंने कहा कि नवधा भक्ति के मार्ग पर चलकर मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। कथा के दौरान शबरी की अटूट श्रद्धा और प्रभु श्रीराम की भक्तवत्सलता का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए और वातावरण भक्तिमय हो उठा।कथा के आयोजक दीनदयाल बाजपेयी ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया इस अवसर पर विधायक दिनेश रावत, भाजपा नेता अरुण शुक्ला, कृष्ण कुमार द्विवेदी राजू भैया, मोहित मिश्रा,राहुल सिंह चौहान, शुभम शुक्ला, विभु सिंह सहित हजारो लोग उपस्थित रहे।



