नाव से ग्रामीणों को मिली राहत
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। बेहता नाले के उफान पर आने से झाऊबेरिया गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नाले का पानी पुलिया के ऊपर से बहने के कारण गांव का मुख्य रास्ता जलमग्न हो गया है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है। जरूरी सामान लेने के लिए गांव से बाहर निकलने के साथ ही बच्चों के स्कूल जाने में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे मलिहाबाद एसडीएम अपराजिता आर्यन ने झाऊबेरिया गांव पहुंचकर नाव पर सवार होकर बेहता नाले का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।

एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि स्वास्थ्य, राशन या अन्य किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल तहसील प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण कराया जाएगा। एसडीएम ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि केवल बेहद जरूरी कार्य होने पर ही नाव के माध्यम से नाले के दूसरी ओर जाएं। उन्होंने बढ़ते पानी के तेज बहाव को देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों को नाले के आसपास नहीं जाने देने की अपील की।
वहीं रहीमाबाद इंस्पेक्टर अरुण कुमार त्रिगुणायक ने बताया कि बेहता नाले में पानी बढ़ने के कारण गांव वालों के आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था कर दी गई है। जिससे जरूरत पड़ने पर ग्रामीण नाले के दूसरी ओर आ-जा सकेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव से बाहर आने-जाने के लिए यही मुख्य रास्ता है। इसी मार्ग से ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए इधर से उधर जाते हैं। बड़ी संख्या में दैनिक मजदूर भी सुबह काम के लिए इसी रास्ते से निकलते हैं और शाम को वापस गांव लौटते हैं। लेकिन बेहता नाले में उफान आने के बाद रास्ते पर पानी भर जाने से आवागमन मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक पानी बढ़ने के कारण छोटे बच्चों का स्कूल जाना भी प्रभावित हुआ है। नाव की व्यवस्था होने के बाद अब ग्रामीणों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार मलिहाबाद चंद्र प्रकाश, नायब तहसीलदार माल अनिल कुमार समेत रहीमाबाद पुलिस बल मौजूद रहा।