पायनियर संवाददाता। बाराबंकी
उम्र के ढलान पर आपसी मनमुटाव को भुलाकर रिश्तों को सहेजने की एक भावुक और अनोखी मिसाल बाराबंकी में देखने को मिली। राष्ट्रीय लोक अदालत में करीब एक साल से चल रहे पारिवारिक मुकदमे का निपटारा करते हुए 80 वर्षीय बुजुर्ग पति मेवालाल और उनकी 65 वर्षीया पत्नी फूलवती ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाकर फिर से साथ रहने का फैसला किया।
तहसील मसौली के ग्राम भुहेरा कला निवासी मेवालाल ने अपनी कुछ जमीन बहू के नाम दर्ज करा दी थी। इस बात से नाराज होकर पत्नी फूलवती ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाया गया, जिसके बाद आपसी सहमति से समझौता हो गया।
समझौते की शर्त के अनुसार पति मेवालाल ने अपनी चार बिस्वा जमीन पत्नी फूलवती के नाम स्थानांतरित करने पर सहमति जताई। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत परिसर में ही दोनों ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर हमेशा के लिए विराम लगा दिया। अदालत परिसर में मौजूद लोग उम्र के इस पड़ाव पर पति-पत्नी के इस अटूट प्रेम और पुनर्मिलन के साक्षी बने।