मुख्य सामग्री पर जाएं
हिंदी संस्करण
पायनियर स्वतंत्र · निष्पक्ष · निर्भीक
अंतरराष्ट्रीय

गाजियाबाद में बैंक कर्मियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल

गाजियाबाद। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों ने एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। हड़ताल का असर गाजियाबाद में भी दिखाई दिया। शहर की कई सरकारी…

साझा करें WhatsAppFacebookX
गाजियाबाद में बैंक कर्मियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल

गाजियाबाद। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों ने एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। हड़ताल का असर गाजियाबाद में भी दिखाई दिया। शहर की कई सरकारी बैंकों की शाखाओं में कर्मचारी और अधिकारी कामकाज से विरत रहे, जिससे नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं। हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारी नवयुग मार्केट में एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की।

हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। बैंक कर्मियों का कहना है कि इस मांग को लेकर वर्ष 2023 में सहमति बनने के बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि करीब तीन वर्ष से इस मुद्दे को लेकर सरकार और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।

कर्मचारियों ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग लंबित रखी गई है। इसी के विरोध में बैंक यूनियनों ने देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया। नवयुग मार्केट में जुटे कर्मचारियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

हड़ताल के दौरान परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी पीएलआई व्यवस्था में कथित असमानता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि प्रोत्साहन व्यवस्था में उच्च अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के बीच भेदभाव नहीं होना चाहिए। यूनियनों ने द्विपक्षीय समझौते के आधार पर सभी कर्मचारियों के लिए निष्पक्ष और समान प्रोत्साहन व्यवस्था लागू करने की मांग की।

बैंक कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से सरकार और बैंक प्रबंधन के समक्ष रखी जा रही हैं। बातचीत के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं निकलने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी है। यूनियनों ने स्पष्ट किया कि यदि लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जा सकता है।

शुक्रवार की हड़ताल के साथ शनिवार और रविवार को बैंक शाखाओं के सामान्य अवकाश के कारण ग्राहकों को लगातार तीन दिन तक शाखा स्तर की नियमित बैंकिंग सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल ट्रांजैक्शन, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम जैसी सेवाएं उपलब्ध रहने के कारण जरूरी डिजिटल बैंकिंग कार्य जारी रखे जा सकते हैं। वहीं, चेक से जुड़े कार्य, नकद जमा या निकासी तथा अन्य शाखा आधारित सेवाओं के लिए ग्राहकों को बैंक खुलने तक इंतजार करना पड़ सकता है।

यूनियनों की ओर से सितंबर के अंतिम सप्ताह में तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किए जाने की भी बात कही गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर आगे भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का विकल्प अपनाने की चेतावनी भी दी गई है।

फिलहाल शुक्रवार को गाजियाबाद समेत देशभर में बैंक कर्मचारियों ने कामकाज से विरत रहकर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज कराया। नवयुग मार्केट में प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था समेत अन्य लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।