लखनऊ: उत्तर प्रदेश के 3 लाख 53 हजार से अधिक पीएम पोषण योजना के रसोइयों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने परिवारवाद, कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दे पर पिछली सरकारों को घेरा। उन्होंने अखिलेश यादव के परिवार से जुड़े बयान पर तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी अब इसलिए नहीं बची है कि उसके परिवार के लोग सांसद हैं, बल्कि जनता आने वाले चुनाव में उसे जवाब देगी।
‘जनता अगले चुनाव में सपा को साफ कर देगी’
सीएम योगी ने अखिलेश यादव के कथित परिवारवाद वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि सपा में परिवारवाद को लेकर जो राजनीति की जाती है, उसका जवाब जनता देगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में गरीबों का शोषण हुआ, जमीनों पर कब्जे किए गए और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में आए दिन दंगों की घटनाएं होती थीं और विकास की गति प्रभावित थी। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
‘बबुआ 12 बजे सोकर उठता था तो प्रदेश के लिए समय कहां मिलता?’
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत अंदाज में भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार चलाने के लिए लगातार मेहनत और विभागों की निगरानी जरूरी है। योगी ने तंज कसते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति दोपहर में उठता है, देर से तैयार होता है और दिन का बड़ा हिस्सा दूसरे कामों में चला जाता है, तो प्रदेश के विकास के लिए समय कैसे मिलेगा।
उन्होंने अपनी सरकार की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि वह और उनकी टीम लंबे समय तक काम करती है तथा योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाती है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इसी का परिणाम है कि प्रदेश में सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।
रसोइयों के लिए चार बड़े फैसलों का जिक्र
रसोइया सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पीएम पोषण योजना से जुड़े 3.53 लाख से अधिक रसोइयों के लिए सरकार की ओर से किए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी सरकार का ध्यान है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, किसी रसोइये के साथ दुर्घटना होने की स्थिति में उसके परिवार को स्टेट बैंक के माध्यम से 2 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा रसोइयों और उनके परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है।महिला रसोइयों के लिए मातृत्व अवकाश के नियमों में भी बदलाव की बात कही गई है। साथ ही यूनिफॉर्म के लिए मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
स्कूलों में बच्चों के भोजन की गुणवत्ता पर जोर
मुख्यमंत्री ने रसोइयों से स्कूलों में बच्चों के लिए पौष्टिक और स्वच्छ भोजन तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भोजन केवल बच्चों का पेट भरने का माध्यम नहीं है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और विकास से जुड़ा विषय है।योगी ने रसोइयों को निर्देश दिया कि स्कूल की रसोई में अनधिकृत बाहरी लोगों का प्रवेश न हो और निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही भोजन तैयार किया जाए। उन्होंने फूड पॉइजनिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सावधानी बरतने की भी अपील की।
शिक्षा और स्कूलों में बदलाव का दावा
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले वर्षों में व्यापक बदलाव हुए हैं। उन्होंने कायाकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए दावा किया कि स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को बेहतर शिक्षा व्यवस्था वाला प्रदेश बनाना है।
रसोइया सम्मान समारोह के जरिए जहां सरकार ने पीएम पोषण योजना से जुड़े कर्मचारियों के लिए नई सुविधाओं की घोषणा की, वहीं मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयानों ने कार्यक्रम को सियासी रंग भी दे दिया। अखिलेश यादव पर मुख्यमंत्री के हमले के बाद अब समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी।