मुंबई। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स का मानना है कि आने वाले समय में द्विपक्षीय एकदिवसीय सीरीज की संख्या कम हो सकती है, लेकिन 50 ओवर के क्रिकेट के बिना क्रिकेट की कल्पना करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि टी20 लीग के बढ़ते प्रभाव के बावजूद वनडे प्रारूप के अपने जुनूनी प्रशंसक हैं।रोड्स ने मंगलवार को यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) की टीम रॉटरडैम डॉकर्स की जर्सी लॉन्च के दौरान कहा कि टी20 क्रिकेट के आने के बाद टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर भी सवाल उठे थे, लेकिन टेस्ट क्रिकेट ने खुद को मजबूत बनाए रखा। उन्होंने कहा कि कई टेस्ट मैचों में भी अब आक्रामक और टी20 जैसा क्रिकेट देखने को मिलता है।
रोड्स ने कहा कि 50 ओवर का क्रिकेट आने वाले वर्षों में कुछ चुनौतियों का सामना कर सकता है, खासकर नए दर्शक वर्ग और खेल को देखने के बदलते नजरिए के कारण। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस प्रारूप के पास ऐसे प्रशंसक हैं, जो किसी भी संस्करण में अपनी टीम का समर्थन करने के लिए मैदान पर आते हैं।उन्होंने कहा कि दुनियाभर में बढ़ती टी20 लीग के कारण खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपेक्षाकृत जल्दी संन्यास लेने का विकल्प चुन सकते हैं। तीनों प्रारूपों और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बीच संतुलन बनाना खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।रोड्स ने फुटबॉल विश्व कप का उदाहरण देते हुए कहा कि खिलाड़ी अपने देश के लिए खेलने को लेकर बेहद जुनूनी होते हैं, क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने के सीमित अवसर मिलते हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में भी भविष्य में फ्रेंचाइजी क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच ऐसा ही संतुलन देखने को मिल सकता है।
दक्षिण अफ्रीका के अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में दावेदारी के सवाल पर रोड्स ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका इस टूर्नामेंट की मेजबानी को लेकर उत्साहित है और टीम की प्राथमिकताओं में आईसीसी का सीमित ओवरों का खिताब जीतना शामिल है।रोड्स ने आधुनिक क्रिकेट में क्षेत्ररक्षण के स्तर में आए बदलाव की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अब खिलाड़ी खुद फिटनेस और क्षेत्ररक्षण के मानक ऊंचे करने के लिए ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। उनके मुताबिक, पहले टीमों में कुछ अच्छे क्षेत्ररक्षकों के साथ कमजोर क्षेत्ररक्षकों को छिपाया जा सकता था, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं है।उन्होंने भारतीय टीम में विराट कोहली के फिटनेस और क्षेत्ररक्षण पर दिए जोर का भी उल्लेख किया। रोड्स ने कहा कि भारत एक-दो बेहतरीन क्षेत्ररक्षकों वाली टीम से ऐसी टीम में बदल गया है, जहां किसी खिलाड़ी को छिपाने की जरूरत नहीं पड़ती।