बेहता नाले में डूबने से किसान की मौत, कई घंटे बाद मिला शव

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। रहीमाबाद थाना क्षेत्र के तरौना गांव में मंगलवार को मवेशियों के लिए चारा लेने गए 60 वर्षीय किसान कमलेश यादव की बेहता नाले में डूबने से मौत हो गई। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। नाले के किनारे उनकी चप्पल मिलने के बाद ग्रामीणों ने उनके बहाव में बह जाने की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। करीब आठ घंटे की तलाश के बाद रात 11 बजे खेत से करीब 200 मीटर दूर नाले में कमलेश का शव मिला। परिजनों के मुताबिक कमलेश रोज की तरह दोपहर करीब तीन बजे गांव से करीब 500 मीटर दूर स्थित अपने खेत में मवेशियों के लिए चारा लेने गए थे।
शाम करीब चार बजे ग्रामीण राकेश यादव और उनके भतीजे राम मिलन ने उन्हें खेत से चारा काटकर लौटते हुए करीब 200 मीटर की दूरी से देखा था। इसके बाद वह घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने आसपास तलाश की तो बेहता नाले के किनारे उनकी एक जोड़ी चप्पल पड़ी मिली।सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से रात करीब नौ बजे तलाश शुरू कराई गई। अंधेरा और झाड़ियों के कारण ढूंढने में परेशानी आई। एसडीआरएफ टीम के पहुंचने से पहले ही गोताखोर विजय कश्यप, राम भरोसे, मुकेश कश्यप, राहुल, अमन और बाबू कश्यप ने तलाश करते हुए रात करीब 11 बजे कमलेश का शव बरामद कर लिया।
ग्रामीणों के अनुसार इन दिनों बेहता नाला उफान पर है। इसके बावजूद आसपास के किसान रोजाना नाला पार कर खेतों में जाते हैं। कमलेश भी चारा काटने के बाद चारे के बोझ को तैराते हुए करीब 100 मीटर नाला पार कर घर लौटते थे। आशंका है कि मंगलवार को तेज बहाव की चपेट में आने से वह डूब गए। रहीमाबाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतक कमलेश के परिवार में इकलौता बेटा अनिल है, और खेती-किसानी में पिता का हाथ बंटाता था। उनकी पत्नी संगीता की करीब 18 वर्ष पहले सांप के डसने से मौत हो गई थी। गौरतलब है कि बीते रविवार शाम भी रहीमाबाद के बाकीनगर निवासी ई-रिक्शा चालक मुफीस (35) की घर से करीब 50 मीटर दूर बेहता नाले में डूबने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही बारिश के बाद बेहता नाले में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों के लिए खतरा बना हुआ है।



