बेहता नाला का पानी खेतों में घुसा सैकड़ों हेक्टेयर धान व अन्य फसलें जलमग्न

रहीमाबाद फार्म, कैथुलिया, तरौना व रुसैना में जलभराव से किसान परेशान, फसल बर्बाद होने की आशंका
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। लगातार हो रही बारिश और बेहता नाला का पानी वापस क्षेत्र की ओर आने से रहीमाबाद और आसपास के गांवों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। रहीमाबाद फार्म, कैथुलिया, तरौना, रुसैना समेत कई गांवों के खेतों में पानी भर गया है। कई स्थानों पर धान और दलहनी फसलें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं। खेतों में लंबे समय से पानी जमा होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। रहीमाबाद कृषि फार्म तिलहन द्वितीय के अंतर्गत आने वाले सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी धान की फसल जलमग्न हो गई है। वहीं दलहनी फसलों के खेतों में भी पानी भरा होने से फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि बारिश थमने के बावजूद यदि पानी की निकासी जल्द नहीं हुई तो फसलें सड़ने और बर्बाद होने का खतरा बढ़ जाएगा।लगातार बारिश के साथ बेहता नाला का पानी वापस आने से जलभराव का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। खेतों से पानी की निकासी नहीं हो पाने के कारण किसानों के सामने फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं कैथुलिया मार्ग पर भी पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों और किसानों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने प्रशासन से बेहता नाला की तत्काल सफाई कराने, जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था करने तथा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही किसानों ने जलभराव से हुई फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित सहायता दिलाने की मांग उठाई है।



