बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे एसडीएम, घुटने भर पानी में पैदल चलकर लिया जायजा
निघासन में शारदा नदी का कहर! तीन गांवों में घुसा पानी, प्रशासन ने बांटे लंच पैकेट

निघासन-खीरी। तहसील क्षेत्र में शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। इसी क्रम में मंगलवार को निघासन एसडीएम यदुवीर सिंह ने बाढ़ प्रभावित गांव बैलहा, जीतपुरवा एवं गौढ़ी पुरवा, चंदन पुरवा, तमोलीन पुरवा का औचक निरीक्षण कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया।
जिस रास्ते पर घुटने भर पानी भरा था, वहां नाव का इंतजार किए बिना एसडीएम यदुवीर सिंह खुद बाढ़ के पानी के बीच पैदल चलकर गांव पहुंचे। उनके इस जज्बे को देखकर ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और भी मजबूत हो गया।
एसडीएम को सूचना मिली थी कि बैलहा, जीतपुरवा और गौढ़ी पुरवा समेत कई मजरे पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। गांव के बाहरी संपर्क मार्ग पर करीब 2 से 3 फीट तक पानी भरा हुआ था। चार पहिया वाहन वहां नहीं जा सकता था। ऐसे में एसडीएम ने सरकारी गाड़ी वहीं छोड़ी और पैंट मोड़कर घुटने भर पानी में पैदल ही गांव की ओर बढ़ गए।
उनके साथ राजस्व कर्मी भी पानी में चलते हुए गांव पहुंचे। गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने अपनी-अपनी समस्याएं बतार्इं। बैलहा गांव में ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो दिनों से उनके घरों में पानी भरा है, चूल्हा नहीं जल पा रहा है, पीने के पानी की किल्लत है और खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह डूब गई है।
एसडीएम ने सभी ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए - तीनों गांवों में तत्काल 2-2 अतिरिक्त नावें लगाने, सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों को लंच पैकेट, सूखा राशन, मोमबत्ती और माचिस वितरित करने, स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल कैंप लगाने और पशु चिकित्सा अधिकारी को मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।



