पुलिस ने 700 रुपए के जाली नोट व 4,110 रुपए असली बरामद किए
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। दुबग्गा थाना क्षेत्र में नकली भारतीय मुद्रा का कारोबार करने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। थाना दुबग्गा पुलिस ने नकली नोटों की तस्करी और उन्हें बाजार में खपाने वाले एक और शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपित के पास से 700 रुपए मूल्य के जाली नोट और नकली नोटों को बाजार में चलाकर अर्जित की गई 4,110 रुपए की वास्तविक नकदी बरामद की गई है। जानकारी के अनुसार, गत 11 जुलाई को थाना दुबग्गा पुलिस ने संजीव कुमार मिश्रा नामक अभियुक्त को 6,500 रुपए के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था।
जेल भेजे गए संजीव नें पूछताछ के दौरान खुलासा किया था कि उसे ये जाली नोट सुधीर यादव नामक व्यक्ति ने उपलब्ध कराए थे। संजीव से मिली महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर पुलिस सुधीर यादव की तलाश में जुटी थी। इसी बीच 13 जुलाई की रात मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि वांछित सुधीर यादव बरी कलाँ पावर हाउस के पीछे मौजूद है। सूचना मिलते ही थाना दुबग्गा पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 500 रुपए का एक और 100 रुपए के दो जाली नोट बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपित सुधीर यादव ने स्वीकार किया कि वह नकली नोटों को कम कीमत पर लोगों को उपलब्ध कराता था। इसके अलावा वह खुद भी स्थानीय बाजार, दुकानों और शराब की दुकानों पर मौका पाकर इन नोटों को असली बताकर चला देता था। आरोपित ने बताया कि वह इन्हीं नकली नोटों को खपाकर प्राप्त हुई वास्तविक मुद्रा से अपना व परिवार का खर्च चलाता था। पुलिस ने आरोपित के पास से 4,110 रुपए की असली नकदी बरामद की है। प्रभारी निरीक्षक दुबग्गा श्रीकांत राय ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्त सुधीर यादव पुत्र सुमेर यादव 25 वर्ष निवासी बरी कलाँ, थाना ठाकुरगंज का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उस पर पूर्व में एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मुकदमे दर्ज हैं। आरोपित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस टीम अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।










