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नेशनल अवॉर्ड जीतने पर भावुक हुईं अलाया एफ, बोलीं- ‘ईमानदारी से कही गई कहानियां हमेशा अपनी जगह बना लेती हैं’

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में राजकुमार राव स्टारर फिल्म ‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म (Best Hindi Feature Film) का सम्मान मिलने के बाद फिल्म की पूरी टीम खुशी से झूम उठी है। इस उपलब्धि पर अभिनेत्री अलाया एफ ने अपनी प्रतिक्रिया…

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नेशनल अवॉर्ड जीतने पर भावुक हुईं अलाया एफ, बोलीं- ‘ईमानदारी से कही गई कहानियां हमेशा अपनी जगह बना लेती हैं’

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में राजकुमार राव स्टारर फिल्म ‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म (Best Hindi Feature Film) का सम्मान मिलने के बाद फिल्म की पूरी टीम खुशी से झूम उठी है। इस उपलब्धि पर अभिनेत्री अलाया एफ ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पुरस्कार उन सभी लोगों के लिए सम्मान है जिन्होंने इस प्रेरणादायक कहानी को पर्दे पर उतारने के लिए अपना दिल और मेहनत लगाई।

तुषार हीरानंदानी के निर्देशन में बनी ‘श्रीकांत’ साल 2024 की चर्चित फिल्मों में से एक रही थी। यह फिल्म उद्योगपति श्रीकांत बोला के संघर्ष, साहस और सफलता की वास्तविक कहानी पर आधारित है। फिल्म में राजकुमार राव ने मुख्य भूमिका निभाई थी, जबकि अलाया एफ ने श्रीकांत की पत्नी और सबसे बड़ी सहयोगी वीरा स्वाति का किरदार निभाया था।

अलाया एफ ने जताई खुशी

फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर अलाया एफ ने कहा कि ‘श्रीकांत’ हमेशा से उनकी दिल के बेहद करीब रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उम्मीद, दृढ़ संकल्प और बड़े सपने देखने की ताकत की कहानी है।

अलाया ने अपने बयान में कहा, “मैं ‘श्रीकांत’ की पूरी टीम के लिए बेहद खुश हूं। यह फिल्म हम सभी के लिए खास थी क्योंकि यह उम्मीद और संघर्ष की कहानी है। यह हमें सिखाती है कि कोई भी सपना इतना बड़ा नहीं होता जिसे हासिल न किया जा सके। सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना हमारे लिए गर्व और खुशी का क्षण है।”

‘ईमानदार कहानियां हमेशा लोगों तक पहुंचती हैं’

अलाया एफ का मानना है कि यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि सच्ची और ईमानदारी से कही गई कहानियां हमेशा दर्शकों के दिल तक पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म की सफलता उन सभी कलाकारों और तकनीशियनों की मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

उन्होंने आगे कहा, “यह पुरस्कार हमें याद दिलाता है कि ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कही गई कहानियां हमेशा अपनी जगह बना लेती हैं। मैं खुद को बेहद भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे राजकुमार राव, तुषार हीरानंदानी, ज्योतिका, शरद केलकर और पूरी टीम के साथ काम करने का अवसर मिला। यह सम्मान हम सभी के लिए बड़ी उपलब्धि है।”

श्रीकांत बोला की प्रेरणादायक कहानी

फिल्म ‘श्रीकांत’ उद्योगपति श्रीकांत बोला के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने दृष्टिबाधित होने के बावजूद तमाम सामाजिक और व्यवस्थागत चुनौतियों को पार करते हुए Bollant Industries जैसी सफल कंपनी की स्थापना की। फिल्म में उनके संघर्ष और सफलता के सफर को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाया गया है।

फिल्म को मिली थी दर्शकों और समीक्षकों की सराहना

टी-सीरीज और Chalk and Cheese Films के बैनर तले बनी इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों का भरपूर प्यार मिला था। राजकुमार राव के दमदार अभिनय के साथ-साथ फिल्म की कहानी, निर्देशन और भावनात्मक प्रस्तुति की भी खूब प्रशंसा हुई थी।

अब राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद ‘श्रीकांत’ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रेरणादायक और सार्थक सिनेमा आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखता है।

 

लेखक

Rashmi Singh

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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