अब बच्चों में क्षयरोग की पहचान के लिए विशेषज्ञ करेंगे जांच

- डॉ. नरेंद्र मित्तल ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को बच्चों के नमूने लेने का दिया प्रशिक्षण
कविता। फरीदाबाद
देशभर में चलाए जा रहे क्षयरोग उन्मूलन अभियान के बावजूद बच्चों में क्षयरोग की पहचान एक चुनौती बनी हुई है। बच्चों से बलगम का नमूना लेना कठिन होने के कारण कई बार बीमारी की समय पर पुष्टि नहीं हो पाती। इसी समस्या को दूर करने के लिए अब प्रदेशभर के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को बच्चों में क्षयरोग की जांच के लिए नमूने लेने की विशेष प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसी कड़ी में जिला नागरिक अस्पताल परिसर स्थित जिला क्षयरोग कार्यालय में सोनीपत से आए राज्य स्तरीय बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र मित्तल ने चिकित्सकों और क्षयरोग से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बच्चों में क्षयरोग के लक्षणों की पहचान, नमूना लेने की प्रक्रिया और जांच के लिए उसे सही तरीके से भेजने की जानकारी दी।
डॉ. नरेंद्र मित्तल ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य चिकित्सकों को बच्चों में क्षयरोग की पहचान के लिए आवश्यक जानकारी देना और उन्हें इस दिशा में बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2030 तक क्षयरोग को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बच्चों में होने वाले क्षयरोग की समय पर पहचान बेहद जरूरी है।
डॉ. हरजिंदर सिंह ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य साझेदार संस्था के सहयोग से चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को बच्चों के नमूने लेने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों में क्षयरोग के लक्षण कई बार स्पष्ट नहीं होते, इसलिए चिकित्सकों को इसकी पहचान और जांच की प्रक्रिया की जानकारी होना आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. हरजिंदर सिंह, डॉ. नरेंद्र मित्तल, सुखविंदर सिंह, सुभाष गहलोत और साधना सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।



