-सामाजिक समरसता सम्मेलन में बोले केंद्रीय मंत्री, पश्चिमी यूपी में शांति, विकास और आपसी सम्मान को बढ़ावा देना प्राथमिकता
-मुजफ्फरनगर समेत आईटीआई संस्थानों में 241 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा तभी मजबूत हो सकता है, जब जाति के बंधनों और भेदभाव की दीवारों को कमजोर कर एक-दूसरे का सम्मान किया जाए। जब समाज के सभी वर्गों के बीच सम्मान और विश्वास बढ़ेगा तो नफरत का भाव अपने आप समाप्त होगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की धरती चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजित सिंह की कर्मभूमि रही है, इसलिए इस क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की परंपरा को और मजबूत किया जाना चाहिए।
जयंत चौधरी रविवार को कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार की ओर से आयोजित सामाजिक समरसता सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने लंबे समय से आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता की मिसाल पेश की है। हालांकि एक समय यहां सामाजिक वैमनस्य की स्थिति पैदा करने की कोशिश हुई थी, लेकिन चौधरी अजित सिंह ने भाईचारा सम्मेलन आयोजित कर लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की भी मंशा है कि किसी के साथ अन्याय न हो और समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान मिले। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास के साथ शांति और कानून-व्यवस्था को बनाए रखना भी उनकी जिम्मेदारी है। सामाजिक समरसता केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि रालोद की ओर से सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जातिगत दूरियां कम होंगी और लोग एक-दूसरे के सम्मान को प्राथमिकता देंगे तो समाज में आपसी विश्वास मजबूत होगा।
जयंत चौधरी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष किसी समाज के खिलाफ अमर्यादित अथवा आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करता तो अब तक उसे पार्टी से बाहर कर दिया गया होता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी राजनीति में समाज को बांटने की कोशिशें की जाती रही हैं। जयंत चौधरी ने कहा कि किसानों और समाज के हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने के बजाय कुछ लोग समाज को बांटकर अपना राजनीतिक हित साधने का प्रयास करते हैं। मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 241 करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस निवेश से क्षेत्र के आईटीआई संस्थानों में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। मुजफ्फरनगर के आईटीआई में भी आने वाले समय में बड़े स्तर पर बदलाव और विकास कार्य किए जाएंगे। इससे युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगारपरक शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है। सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद चंदन सिंह चौहान, बुढ़ाना विधायक राजपाल बालियान, खतौली विधायक मदन भैया, थानाभवन विधायक अशरफ अली, रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष तिरसपाल मलिक, रमा नागर और पूर्व विधायक योगराज सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।