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पराली जलाने पर अब प्रशासन की पैनी नजर, शामली में गठित हुआ अनुश्रवण सेल

-धान-गन्ने की कटाई से गेहूं की बुवाई तक होगी रोजाना निगरानी, घटनाओं की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी शामली। खरीफ सीजन में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने जनपद…

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पराली जलाने पर अब प्रशासन की पैनी नजर, शामली में गठित हुआ अनुश्रवण सेल
-धान-गन्ने की कटाई से गेहूं की बुवाई तक होगी रोजाना निगरानी, घटनाओं की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी
शामली। खरीफ सीजन में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने जनपद स्तरीय अनुश्रवण सेल का गठन किया है। यह सेल धान और गन्ने की कटाई के समय से लेकर रबी फसल में गेहूं की बुवाई तक फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की प्रतिदिन निगरानी करेगा। साथ ही रोकथाम के लिए विभागों की ओर से की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की जाएगी।
शासन के निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में गठित सेल में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को अध्यक्ष बनाया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी और क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। उप कृषि निदेशक सदस्य/सचिव और जिला कृषि अधिकारी सह सदस्य/सचिव होंगे। सेल से संबंधित अभिलेखीय कार्यवाही और उसके कार्यों के निर्वहन की जिम्मेदारी जिला कृषि अधिकारी को सौंपी गई है। प्रत्येक कार्य दिवस फसल अवशेष जलाने की घटनाओं और उनकी रोकथाम के लिए की गई कार्रवाई की समीक्षा होगी। इसकी दैनिक रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाएगी। फसल अवशेष जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि एवं गन्ना विभाग के न्याय पंचायत और विकासखंड स्तर पर तैनात कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। कर्मचारी किसानों को पराली और अन्य फसल अवशेष न जलाने के लिए जागरूक करेंगे और उनके उचित प्रबंधन के बारे में जानकारी देंगे।प्रशासन की ओर से विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के माध्यम से भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके अलावा आमजन और किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निगरानी के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।