विदेशी नागरिकों को बनाते थे निशाना, गुजरात में बैठा सरगना चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, लैपटॉप-मोबाइल बरामद
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। अलीगंज थाना क्षेत्र में पुलिस चौकी के बगल में संचालित हो रहे फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने शुक्रवार को भंडाफोड़ कर दिया। रिध्या प्लाजा में चल रहे इस कॉल सेंटर पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार महिलाओं समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से बड़ी संख्या में लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक कॉल सेंटर के जरिए विदेश में रहने वाले लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी की जा रही थी। इस गिरोह का कथित सरगना गुजरात का रहने वाला बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह गश्त के दौरान रिध्या प्लाजा में कुछ संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। पुलिस को उस समय संदेह हुआ जब सुबह-सुबह कुछ युवक कार्यालय से बाहर निकलकर चाय पीने आए। पूछताछ और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद अलीगंज पुलिस ने आसपास के थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया। फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में कार्यालय की जांच शुरू की गई तो वहां फर्जी कॉल सेंटर संचालित होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक गुजरात निवासी प्रियांशु कुशवाहा ने जानकीपुरम निवासी आशीष से करीब चार महीने पहले रिध्या प्लाजा स्थित कार्यालय किराये पर लिया था।
इसके बाद 16 लोगों को नौकरी पर रखकर कॉल सेंटर का संचालन शुरू किया गया। आरोप है कि यहां से विदेश में बैठे लोगों को फोन कर तकनीकी समस्या दूर करने का झांसा दिया जाता था। बातचीत के दौरान उनकी बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल कर उन्हें ठगी का शिकार बनाया जाता था। कॉल सेंटर मुख्य रूप से रात में संचालित किया जाता था। डीसीपी उत्तरी अमित आनंद ने बताया कि पुलिस को सुबह गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। जांच के दौरान फर्जी कॉल सेंटर का पता चला।
मौके से चार महिलाओं सहित 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विदेश में रहने वाले लोगों को फोन के जरिए समस्या का समाधान करने का झांसा देकर उनकी निजी और बैंक संबंधी जानकारी हासिल की जाती थी। मामले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
फॉरेंसिक टीम ने की जांच
करीब आठ घंटे तक पुलिस ने कार्यालय में छानबीन की। सुबह छह बजे से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। अंदर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। पुलिस ने मौके से कई लैपटॉप, मोबाइल फोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कब्जे में लिए हैं। कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों ने कुछ महीने पहले ही नौकरी शुरू की थी।
समिट बिल्डिंग में भी पकड़ा गया था बड़ा कॉल सेंटर
इससे पहले एक जुलाई को विभूतिखंड थाना क्षेत्र स्थित समिट बिल्डिंग में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने बड़े फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई में 27 महिलाओं समेत कुल 119 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए थे। पुलिस जांच में सामने आया था कि कॉल सेंटर के संचालन में कर्मचारियों की सैलरी और भवन के किराये पर सालाना तीन करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया जा रहा था। अलीगंज में हुई ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर शहर में सक्रिय फर्जी कॉल सेंटरों के नेटवर्क को लेकर पुलिस की जांच तेज कर दी है।