सड़क किनारे सवारी भरने से बढ़ रही अव्यवस्था, डग्गामार वाहनों पर इतनी मेहरबानी क्यों? यातायात व्यवस्था पर सवाल
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। राजधानी के चिनहट इलाके के कमता चौराहे पर टैक्सियों और डग्गामार वाहनों के सड़क किनारे खड़े होकर सवारी भरने का सिलसिला और लगने वाला जाम एक बार फिर चर्चा में है। जहां अर्टिगा समेत कई टैक्सियां प्रमुख मार्गों और चौराहों के आसपास रुककर सवारियां भरती हैं, जिससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होता है और जाम की स्थिति बनती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क के किनारे वाहनों के जमावड़े से राहगीरों और दूसरे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

वहीं डग्गामार बसों और अन्य यात्री वाहनों की गतिविधियों पर भी निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है। यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठता है कि दिन भर ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को भी इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए मेहनत की आवश्यकता है। वहीं सूत्रीय जानकारी के अनुसार वसूली भाइयों ने भी अपना दबदबा कमता चौराहे पर बना रखा है जो चोरी छिपे ही सही पर अपना वसूली का धंधा धड़ल्ले से चला रहे हैं ऐसा सूत्र बताते हैं जिनपर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।
पूर्व में डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने कमता के जाम को लेकर कई अहम क़दम उठाते हुए काफ़ी मेहनत की थी जिसका कुछ दिनों तक काफ़ी असर भी देखने को मिला था। किंतु उन्हीं के मातहत उनके द्वारा की गई मेहनत पर बट्टा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ते जिसकी वजह से बढ़ता ट्रैफिक और डग्गामार वाहनों का दबदबा एक बार फिर से बढ़ता नज़र आ रहा है। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए समय-समय पर अधिकारियों की ओर से निर्देश जारी किए जाते हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर इनका असर कितना हो रहा है, यह कमता क्षेत्र की स्थिति देखकर समझा जा सकता है।

लोगों ने संबंधित विभागों से संयुक्त रूप से जांच कराकर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि किन स्थानों पर वाहन खड़े कर सवारी भरने की अनुमति है और किन स्थानों पर यह पूरी तरह प्रतिबंधित है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सड़क किनारे अनधिकृत रूप से टैक्सी स्टैंड संचालित हो रहे हैं तो इनके खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस संयुक्त अभियान चलाकर स्थिति की जांच करें तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
कमता क्षेत्र में बढ़ती इस समस्या के विरुद्ध अब जरूरत केवल चालान की नहीं, बल्कि स्थायी यातायात व्यवस्था और अधिकृत पार्किंग/स्टैंड की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी है, ताकि यात्रियों को सुविधा मिले और आम राहगीरों को जाम व अतिक्रमण की समस्या से राहत मिल सके।