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कोच गौतम गंभीर बोले- इंग्लैंड में सैमसन को बाहर करना मेरे कोचिंग करियर का सबसे कठिन फैसला था

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा है कि इंग्लैंड के हालिया दौरे पर संजू सैमसन को टीम से बाहर रखने का फैसला उनके कोचिंग कार्यकाल के दौरान लिया गया शायद सबसे कठिन निर्णय था। गंभीर ने…

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कोच गौतम गंभीर बोले- इंग्लैंड में सैमसन को बाहर करना मेरे कोचिंग करियर का सबसे कठिन फैसला था
कोच गौतम गंभीर बोले- इंग्लैंड में सैमसन को बाहर करना मेरे कोचिंग करियर का सबसे कठिन फैसला था

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा है कि इंग्लैंड के हालिया दौरे पर संजू सैमसन को टीम से बाहर रखने का फैसला उनके कोचिंग कार्यकाल के दौरान लिया गया शायद सबसे कठिन निर्णय था। गंभीर ने हालांकि स्पष्ट किया कि टीम चयन में खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म के साथ-साथ पिछले प्रदर्शन को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

सैमसन ने भारत में आयोजित टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का पुरस्कार हासिल किया था। हालांकि, इसके बाद लगातार कुछ खराब पारियों के कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम में जगह नहीं मिली। उनकी अनुपस्थिति में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका दिया गया।इसके बाद भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में अपनी सफल सलामी जोड़ी अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन पर फिर भरोसा जताया। दोनों ने सीरीज में दो-दो अर्धशतकीय पारियां खेलीं और भारत ने 3-0 से क्लीन स्वीप किया।

सीरीज के बाद मीडिया से बातचीत में गंभीर ने सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें ड्रेसिंग रूम में अपनी जगह साबित करने के लिए किसी से श्रेय लेने की जरूरत नहीं है। उनकी प्रतिभा खुद उन्हें टीम में जगह दिलाने के लिए पर्याप्त है।गंभीर ने कहा, “कोई खिलाड़ी विश्व कप में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ यूं ही नहीं बन जाता। उसमें प्रतिभा जरूर होती है। उसने काफी कुछ हासिल किया है।सैमसन को इंग्लैंड सीरीज से बाहर किए जाने के फैसले पर गंभीर ने कहा, “निश्चित रूप से यह कठिन था। मेरे कोचिंग कार्यकाल में शायद उन्हें इंग्लैंड सीरीज से बाहर रखना सबसे कठिन फैसला था, खासकर उससे पहले उन्होंने जैसा प्रदर्शन किया था। लेकिन कई बार आपको खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म को भी ध्यान में रखना पड़ता है।

सूर्यवंशी को करना होगा इंतजार

गंभीर ने स्पष्ट किया कि वैभव सूर्यवंशी को अगला मौका पाने के लिए इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए टीम प्रबंधन पहले ही तय कर चुका था कि विश्व कप के दौरान सफल रहे संयोजन को वापस लाया जाएगा। उन्होंने कहा, हम हमेशा से स्पष्ट थे कि इस सीरीज में हम विश्व कप वाले संयोजन पर वापस जाना चाहते हैं। तीन-चार असफलताओं के बाद खिलाड़ी विफल नहीं हो जाते।सूर्यवंशी के बारे में गंभीर ने कहा कि उनसे इस संबंध में स्पष्ट बातचीत हुई है और उन्हें अपने मौके का इंतजार करना होगा। टीम उनकी प्रतिभा और क्षमता से पूरी तरह परिचित है।मुख्य कोच ने कहा कि टीम चयन में लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अधिक महत्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “पिछले दो वर्षों में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी उस खिलाड़ी से आगे रहेगा, जो अभी-अभी टीम में आया है।

सर्वश्रेष्ठ टीम के साथ खेलना जरूरी : गंभीर

गंभीर ने खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने और उनके प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल को कप्तानी के शुरुआती दौर में लगातार पूरी तरह मजबूत टीम नहीं मिल सकी है। जसप्रीत बुमराह चोट के कारण श्रीलंका के टेस्ट दौरे पर नहीं जा सके, जबकि हार्दिक पंड्या मई में आईपीएल के बाद से नहीं खेले हैं। गंभीर ने कहा, “अगर मैं पूरी तरह सच कहूं, तो हां। खासकर टेस्ट और वनडे क्रिकेट में आप चाहते हैं कि आपके सबसे अच्छे खिलाड़ी खेलें, क्योंकि अगले साल 50 ओवर का विश्व कप है।उन्होंने कहा, इससे भी जरूरी बात यह है कि एक युवा कप्तान (गिल) के लिए यह सही नहीं है कि उसे लगातार और नियमित रूप से अपनी सबसे अच्छी टीम न मिले। एक कोच के तौर पर मैं सारी आलोचना झेल सकता हूं, लेकिन मुझे लगता है कि शुभमन के लिए यह जरूरी है कि उसे दोनों प्रारूपों में अपनी सबसे अच्छी एका