पायनियर समाचार सेवा। लोहाघाट। अद्वैत आश्रम मायावती के धर्मार्थ चिकित्सालय में इंग्लैंड से आए विश्व प्रसिद्ध लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. कृष्णा सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय चिकित्सकों के दल ने दूरबीन विधि से किडनी एवं पित्त की थैली की पथरी के ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। 20 सितंबर तक चलने वाले इस सर्जिकल शिविर के पहले दिन जिले के दूरदराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में रोगी उपचार के लिए पहुंचे। रोगियों के आवागमन के लिए चिकित्सालय की ओर से नि:शुल्क वाहन सेवा उपलब्ध कराई गई है।
शिविर का शुभारंभ आश्रम के अध्यक्ष स्वामी शुद्धिदानंद जी महाराज ने किया। उन्होंने चिकित्सकों के दल का स्वागत करते हुए कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि जिस भावधारा से नर को नारायण मानकर स्वामी विवेकानंद जी ने 127 वर्ष पूर्व सेवा का संकल्प लिया था, उसी परंपरा को आगे बढ़ाने की प्रेरणा ठाकुर जी ने चिकित्सकों को दी है। उन्होंने कहा कि इतनी दूर आकर मानव सेवा का अवसर मिलना अपने आप में सौभाग्य है। टीम लीडर डॉ. कृष्णा सिंह के साथ डॉ. अनुराज गर्ग, डॉ. सत्यकि सरकार, डॉ. कौशिक रे, डॉ. उर्मिला रे एवं डॉ. विक्रम सिंह ने स्वामी जी के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कहा कि इतनी दूर से यहां आकर सेवा करने में उन्हें जो आनंद और आत्मिक संतुष्टि मिलती है, उसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। चिकित्सालय के प्रभारी स्वामी एकदेवानंद जी महाराज ने बताया कि सर्जिकल शिविर के लिए अत्याधुनिक मशीनों एवं आवश्यक दवाओं की पूरी व्यवस्था की गई है। चिकित्सा के क्षेत्र में लंबे अनुभव और ज्ञान का भंडार समेटे 87 वर्षीय डॉ. डी.एस. दुबे चिकित्सकों के बीच समन्वय का कार्य कर रहे हैं। वहीं, डॉ. विनय मिश्रा एवं डॉ. अनुज राणा रोगियों के परीक्षण में सहयोग कर रहे हैं। शिविर के पहले दिन 70 रोगियों का पंजीकरण किया गया तथा पंजीकरण का क्रम जारी है। चिकित्सालय के प्रभारी ने बताया कि यहां रोगियों को आॅपरेशन की नि:शुल्क सुविधा दी जा रही है, जिसके लिए निजी अस्पतालों में करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं।
मायावती में इंग्लैंड से आए चिकित्सकों के दल ने शुरू किए पथरी के ऑपरेशन
पायनियर समाचार सेवा। लोहाघाट। अद्वैत आश्रम मायावती के धर्मार्थ चिकित्सालय में इंग्लैंड से आए विश्व प्रसिद्ध लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. कृष्णा सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय चिकित्सकों के दल ने दूरबीन विधि से किडनी एवं पित्त की थैली की पथरी के ऑपरेशन…