एसटीएफ की नोएडा फील्ड यूनिट ने लखनऊ से दबोचा
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। बदायूं जनपद में दर्ज धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में वांछित चल रहे 50-50 हजार रुपए के इनामी दो सगे भाइयों शशिकान्त मौर्य और सूर्यकान्त मौर्य को एसटीएफ की नोएडा फील्ड यूनिट ने सोमवार लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। एसटीएफ के मुताबिक, दोनों के खिलाफ थाना कोतवाली, जनपद बदायूं में धोखाधड़ी, आपराधिक न्यास भंग और कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे और उनकी गिरफ्तारी पर परिक्षेत्र स्तर से 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
वहीं अभियुक्तो ने अपना नाम शशिकान्त मौर्य और सूर्यकान्त मौर्य निवासी चांद खां, निकट ईसाई की पुलिया थाना बारादरी जनपद बरेली बताया। पकड़े गए दोनो अभियुक्त सगे भाई है। इसके अलावा पूछताछ में सामने आया कि शशिकान्त मौर्य ने वर्ष 1988 में बदायूं के जालन्धरी सराय में किराने की दुकान से कारोबार शुरू किया था। इसके बाद उसने एक फाइनेंस एवं लीजिंग कंपनी में फील्ड एजेंट के रूप में काम किया। बाद में उसने अमर ज्योति हायर परचेज नाम से निजी कंपनी शुरू की, जिसमें शेयर खरीदने-बेचने और निजी ऋण देने का काम किया जाता था।
एसटीएफ के अनुसार, वर्ष 2016 में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड नाम से एक अन्य कंपनी बनाई गई। आरोप है कि कंपनी के माध्यम से आम लोगों के खाते खुलवाकर उनसे धन जमा कराया जाता था और कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच दिया जाता था। एसटीएफ का दावा है कि इन कंपनियों में हजारों लोगों से निवेश कराया गया, लेकिन निर्धारित समय पर उनका पैसा वापस नहीं किया गया। इसके बाद दोनों भाई बरेली छोड़कर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, इस मामले में थाना कोतवाली, बदायूं में कई मुकदमे दर्ज हैं।
फरारी के दौरान दोनों लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे करीब आठ माह तक उत्तम नगर, दिल्ली में छिपकर रहे। इसके बाद दोनों ने लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र स्थित मानसनगर को अपना ठिकाना बना लिया था। जहां एसटीएफ ने सोमवार को मानसनगर, कृष्णानगर से गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ अब दोनों अभियुक्तों की अन्य गतिविधियों और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।