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शिक्षा व जागरूकता को अपनाकर किडनी रोगी पा सकते हैं छुटकारा : राव

पैरों में सूजन कमजोरी भूख न लगना उल्टी का एहसास होना किडनी के लक्षण पायनियर समाचार सेवा लखनऊ। आज दुनिया में बहुत तेजी के साथ किडनी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है भौतिकतावाद के युग में गलत खानपान, स्वास्थ्य के…

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शिक्षा व जागरूकता को अपनाकर किडनी रोगी पा सकते हैं छुटकारा : राव
  • पैरों में सूजन कमजोरी भूख न लगना उल्टी का एहसास होना किडनी के लक्षण

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। आज दुनिया में बहुत तेजी के साथ किडनी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है भौतिकतावाद के युग में गलत खानपान, स्वास्थ्य के प्रति सचेत न होना, अधिक तनाव लेने के कारण किडनी की समस्या से लोग ग्रसित होते जा रहे हैं किडनी से पीड़ित व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए हरी सब्जियों का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए। नींबू का पानी, नारियल का पानी, कैन, वेरी जूस और ताजे फलों का सेवन करना चाहिए।

यह बात रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्वेदिक संस्थान नेफ्रोलॉजी की प्रोफेसर डॉक्टर नम्रता राव ने कहीं। उन्होंने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, गलत खानपान, दर्द निवारक दवाइयां का अधिक सेवन के कारण किडनी खराब होती है। किडनी की रोगियों को शुरुआत के दिनों में एहसास नहीं होता है कि वह इतनी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। धीरे-धीरे जब किडनी विषैले तत्वों को शरीर से निकलने मे सहायक सिद्ध नहीं होती है तो डायलिसिस के माध्यम से किडनी के रोगियों के विषैला तत्व को निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाती है।

राव ने कहा की किडनी रोगियों को टखनों पैरों में सूजन हो जाती है। बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होती है। पेशाब के रंग में परिवर्तन होता है और बहुत कम मात्रा में पेशाब होने लगती है। भूख नहीं लगती है और हमेशा उल्टी का एहसास होता है। उन्होंने कहा किडनी के बचाव के लिए व्यक्ति को 8-10 गिलास पानी निमित्त पीना चाहिए। प्रोटीन की मात्रा को कम करना चाहिए, हरी सब्जियों जैसे फूलगोभी, पत्ता गोभी, लौकी, तरोई का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नींबू पानी, नारियल पानी और ताजे फल, सेब, अमरूद, ब्लूबेरी स्ट्रॉबेरी, हल्दी, लहसुन और अंडे की सफेदी वाला भाग खाना चाहिए। उन्होंने कहा किडनी की रोगियों को नियमित व्यायाम करना चाहिए और अधिक तनाव से बचना चाहिए। डॉ. राव ने कहा कि बिना विशेषज्ञ डॉक्टर की इजाजत से दर्द निवारक गोलियों का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए। किडनी रोगी को समय-समय पर किडनी फंक्शन टेस्ट और यूरिन की जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता के आधार पर किडनी की समस्या से व्यक्ति छुटकारा पा सकता है।