प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों एवं उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईको पार्क सामुदायिक भवन, माती में देखा एवं सुना गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय राज्य मंत्री, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग श्रीमती प्रतिभा शुक्ला, विशिष्ट अतिथि माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीरज रानी, जिलाधिकारी कपिल सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार सहित संबंधित अधिकारी, शिक्षक एवं रसोइये उपस्थित रहे। माननीय मुख्यमंत्री जी के संबोधन के उपरांत माननीय राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला जी द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इसके पश्चात माननीय राज्य मंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा 20 पात्र लाभार्थियों को प्रतीकात्मक कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड वितरित किए गए। उपस्थित शिक्षकों एवं रसोइयों को योजना के उद्देश्यों, पात्रता, लाभ एवं चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा रसोइयों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं एवं निर्णय भी किए गए। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मध्य रसोइयों को ₹2 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराने संबंधी अनुबंध पत्र का आदान-प्रदान किया गया। इसके साथ ही रसोइयों के मानदेय में वृद्धि करते हुए इसे ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रतिमाह किए जाने की घोषणा की गई। रक्षाबंधन पर्व के दृष्टिगत समस्त रसोइयों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए दिए जाने वाले वार्षिक शुल्क में भी वृद्धि करते हुए इसे ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 प्रतिवर्ष किया गया।
माननीय राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला जी ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग में कार्यरत रसोइयों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यालयों में बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन तैयार कर उनकी देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली रसोइयों के स्वास्थ्य एवं परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से रसोइयों एवं उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी तथा यह उनके जीवन में स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विश्वास का नया अध्याय जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि मानदेय में वृद्धि, दुर्घटना बीमा तथा यूनिफॉर्म शुल्क में वृद्धि जैसे निर्णय रसोइयों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराने में रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके स्वास्थ्य एवं परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना रसोइयों एवं उनके आश्रितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनकल्याणकारी पहल है।

योजना के अंतर्गत पात्र रसोइयों एवं उनके आश्रितों को सरकारी एवं निजी आबद्ध चिकित्सालयों में प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में कार्यरत सभी पात्र रसोइयों को योजना का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से उपलब्ध कराया जाए तथा उन्हें योजना के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं सहयोग प्रदान किया जाए। मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीरज रानी जी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना रसोइयों एवं उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा कवच है। सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलने से रसोइयों एवं उनके आश्रितों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुलभ होंगी और गंभीर बीमारी की स्थिति में उपचार पर होने वाले आर्थिक व्यय से राहत मिलेगी। उन्होंने रसोइयों के हित में मानदेय वृद्धि, दुर्घटना बीमा एवं यूनिफॉर्म शुल्क में वृद्धि सहित अन्य निर्णयों के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। जनपद कानपुर देहात में प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत 4,299 रसोइये कार्यरत हैं, जिन्हें योजना का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में उपस्थित रसोइयों ने प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई कैशलेस चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना बीमा, मानदेय वृद्धि एवं यूनिफॉर्म शुल्क में वृद्धि को अपने एवं अपने परिवार के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक, शिक्षक, रसोइये एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
रविकांत दुबे। कानपुर देहात।