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साइबर ठगी करने वाला नाइजीरियन गिरफ्तार

11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक पासपोर्ट और चार एटीएम कार्ड बरामद पायनियर समाचार सेवा लखनऊ। एसटीएफ ने सोशल मीडिया पर विदेशी नागरिकों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीयों से साइबर ठगी करने वाले नाइजीरियन गिरोह के सदस्य को दिल्ली से…

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साइबर ठगी करने वाला नाइजीरियन गिरफ्तार

11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक पासपोर्ट और चार एटीएम कार्ड बरामद

पायनियर समाचार सेवा

लखनऊ। एसटीएफ ने सोशल मीडिया पर विदेशी नागरिकों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीयों से साइबर ठगी करने वाले नाइजीरियन गिरोह के सदस्य को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने उसके पास से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक पासपोर्ट और चार एटीएम कार्ड बरामद किया। एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान न्वोगु ओबेद ओसिनाची के रुप में हुई है। जहां एसटीएफ ने 11 अगस्त को दिल्ली के बुराड़ी थाना क्षेत्र स्थित कमल बिहार से गिरफ्तार किया था। जिसके कब्जे से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक पासपोर्ट और चार एटीएम कार्ड बरामद किया। साथ ही मोबाइल फोन में मिले 34 स्क्रीनशॉट में विदेशी युवतियों के फोटो-वीडियो और कस्टम अधिकारी बनकर ठगी से जुड़े साक्ष्य मिले हैं।

एसटीएफ की जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूएसए और यूके के नागरिकों के नाम से फर्जी प्रोफाइल तैयार करता था। जिसके बाद भारतीय युवक-युवतियों से दोस्ती कर उन्हें महंगे गिफ्ट, डॉलर या पाउंड भेजने और भारत आने का झांसा दिया जाता था। इसके बाद में कथित तौर पर एयरपोर्ट पर गिफ्ट या विदेशी मुद्रा पकड़े जाने की कहानी बताकर आरोपी खुद को कस्टम अथवा इनकम टैक्स अधिकारी बताते थे। इसके बाद कस्टम ड्यूटी, इनकम टैक्स, जीएसटी और अन्य शुल्क के नाम पर पीड़ितों से रकम वसूली जाती थी।

एसटीएफ के अनुसार लखनऊ के डालीगंज निवासी एक युवक को इसी तरीके से निशाना बनाकर करीब 68 लाख रुपए की ठगी की गई थी। आरोपी गिरोह ने उसे इंग्लैंड निवासी डोरिस विलियम के नाम से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल के जरिए संपर्क किया था। ठगी के दौरान फर्जी आरबीएस सर्टिफिकेट भी भेजा गया था। इस मामले में थाना मदेयगंज, कमिश्नरेट लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया गया था।

इसे पूर्व भी हो चुके है दो मामले

एसटीएफ ने इससे पहले इसी मामले में गत 15 मई को उचेनवा और गत 18 जुलाई को ओबासे प्रॉस्पर दोनों नाइजीरियाई नागरिकों को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद से ही न्वोगु ओबेद ओसिनाची इस मामले में वांछित चल रहा था। तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर एसटीएफ साइबर टीम ने दिल्ली में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2022 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था। उसका वीजा उसी वर्ष समाप्त हो गया था।  जिसके बाद वह दिल्ली में अवैध रूप से रह रहा था। उसके अनुसार दिल्ली में रह रहे अन्य नाइजीरियाई युवकों ने उसे सोशल मीडिया के जरिए फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी के तरीके से परिचित कराया। आरोपी ने लखनऊ के युवक से हुई 68 लाख रुपए की ठगी में उचेनवा और ओबासे प्रॉस्पर के साथ शामिल होने की बात भी स्वीकार की है। वहीं जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह के अन्य सदस्य अभी दिल्ली में सक्रिय हैं और सोशल मीडिया पर विदेशी नागरिकों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी कर रहे हैं। गिरोह ने भारतीय लोगों के बैंक खाते किराए पर लेकर ठगी की रकम उनमें मंगाने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इन बैंक खातों और वॉलेट की जांच के साथ गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। इसके आलावा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।