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एटीएस ने जाली भारतीय मुद्रा की तस्करी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

एटीएस ने बरामद किए 1.005 लाख की नकली करेंसी पायनियर समाचार सेवा लखनऊ। एटीएस ने भारतीय जाली मुद्रा की तस्करी और उसे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में खपाने के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जहां एटीएस ने दोनों…

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एटीएस ने जाली भारतीय मुद्रा की तस्करी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

एटीएस ने बरामद किए 1.005 लाख की नकली करेंसी

पायनियर समाचार सेवा

लखनऊ। एटीएस ने भारतीय जाली मुद्रा की तस्करी और उसे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में खपाने के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जहां एटीएस ने दोनों के कब्जे से 500 के 201 जाली नोट बरामद किए हैं। जिनकी कुल कीमत 1,00,500 बताई गई है। एटीएस के अनुसार, उसे लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि उत्तर प्रदेश के कुछ लोग भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे पश्चिम बंगाल के मालदा क्षेत्र से उच्च गुणवत्ता की जाली भारतीय मुद्रा लाकर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में उसका परिचालन कर रहे हैं।

आरोपी अजीम खान

आशंका जताई गई कि इस तरह की गतिविधियों से देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ जाली मुद्रा का इस्तेमाल राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में भी किया जा सकता है। इसी सूचना के आधार पर यूपी एटीएस ने शुक्रवार कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार किया। जहां गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीम खान पुत्र मुजीम खान और राजा उर्फ समीरुल पुत्र स्वर्गीय अहमद हसन के रूप में हुई है। दोनों कासगंज जिले के गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र के ग्राम गणेशपुर के रहने वाले हैं। इसके आलावा आरोपियों के कब्जे से 500 मूल्यवर्ग के कुल 201 नोट बरामद हुए। बरामद नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक के मानकों के अनुरूप जांचे जाने पर प्रथम दृष्टया इन्हें उच्च गुणवत्ता वाली जाली भारतीय मुद्रा माना गया है।

आरोपी राजा उर्फ समीरुल

भारत-बांग्लादेश सीमा से जाली नोट लाने का आरोप

जांच में प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते उच्च गुणवत्ता की जाली भारतीय मुद्रा देश में लाकर उसके परिचालन में संलिप्त थे। एटीएस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां देश की मौद्रिक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। इसके आलावा एटीएस पता लगाने में जुटी है कि जाली मुद्रा की सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। यूपी एटीएस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना एटीएस, उत्तर प्रदेश, लखनऊ में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।