मुख्य मार्गों पर झुंड में घूम रहे छुट्टा मवेशी
फसलें बर्बाद तो सड़क हादसों का भी बढ़ा खतरा
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। मुख्य मार्गों पर झुंड बनाकर घूम रहे छुट्टा मवेशियों के कारण राहगीरों का आवागमन मुश्किल हो गया है। वहीं किसानों की खेतों में खड़ी धान, चरी, उड़द, मक्का समेत अन्य फसलें भी बर्बाद हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन आवारा पशुओं की वजह से सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हरदोई-लखनऊ राजमार्ग पर रहीमाबाद, बंजारन खेड़ा और भतोइया गांव के पास सड़क के बीचों-बीच बड़ी संख्या में आवारा पशु बैठे या घूमते दिखाई देते हैं।
अचानक पशुओं के सामने आ जाने से वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई बार बाइक और साइकिल सवारों को पशु दौड़ा भी लेते हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की ओर से आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए विभिन्न स्थानों पर गो-आश्रय केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन उनकी प्रभावी निगरानी और संचालन न होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसका खामियाजा किसानों और आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी रज्जन और मोबीन ने बताया कि आवारा पशुओं के कारण किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। खेतों में तैयार फसलें लगातार नुकसान झेल रही हैं, जबकि सड़कों पर हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।









