ग्लास्गो। राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय भारोत्तोलकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखा, वहीं ज्षिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने अपने-अपने वर्गों में रजत पदक हासिल कर दिन को ऐतिहासिक बना दिया।
भारतीय भारोत्तोलन दल के बेहतरीन प्रदर्शन से देश की कुल पदक संख्या चार (एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य) हो गई है। पदक तालिका में भारत फिलहाल आठवें स्थान पर है, जबकि ऑस्ट्रेलिया 33 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है।
मीराबाई का स्वर्णिम प्रदर्शन
महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में मीराबाई चानू ने कुल 190 किलोग्राम (स्नैच 85 किग्रा और क्लीन एंड जर्क 105 किग्रा) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने इस दौरान राष्ट्रमंडल खेलों के कई रिकॉर्ड भी तोड़े। हालांकि शुरुआती प्रयास असफल रहने के बावजूद मीराबाई ने शानदार वापसी की और 22 किलोग्राम के बड़े अंतर से स्वर्ण अपने नाम किया। स्वर्ण सुनिश्चित होने के बाद उन्होंने अंतिम प्रयास नहीं किया।
ऋकांत सिंह ने चोट के बावजूद रचा इतिहास
पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में ज्षिकांत सिंह ने घुटने की चोट के बावजूद रजत पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 121 किलोग्राम उठाकर रिकॉर्ड की बराबरी की और क्लीन एंड जर्क से पहले शीर्ष पर थे, लेकिन बाद में 143 किलोग्राम ही उठा सके। कुल 264 किलोग्राम के साथ उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही वह राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले मणिपुर के पहले पुरुष भारोत्तोलक बन गए।
मुथुपांडी का शानदार पदार्पण
पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में राजा मुथुपांडी ने अपने पहले ही राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर शानदार शुरुआत की। उन्होंने कुल 286 किलोग्राम वजन उठाया और भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया।
मुक्केबाजी में भी भारत का दम
मुक्केबाजी में जदुमणि सिंह और प्रीति पवार ने शानदार जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। जदुमणि ने पाकिस्तान के सुमामा रहमान को 5-0 से हराया और अपनी जीत करगिल युद्ध के वीरों को समर्पित की। वहीं, प्रीति पवार ने मलावी की डेबोरा मतेनजे को हराकर पदक की उम्मीदें मजबूत कीं।

लॉन बॉल्स में निराशा
लॉन बॉल्स में भारत को निराशा हाथ लगी। महिला युगल टीम इंग्लैंड से टाई-ब्रेकर में हारकर बाहर हो गई, जबकि पुरुष एकल में पुतुल सोनोवाल की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद भी समाप्त हो गई।










