आत्मा शासी निकाय एवं जिला भूमि व जल संरक्षण समिति की संयुक्त बैठक संपन्न

रविकांत दुबे। कानपुर देहात

जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट माती स्थित माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार में आत्मा शासी निकाय एवं जिला भूमि व जल संरक्षण समिति की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक में माननीय राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला जी के प्रतिनिधि श्री बउआ पांडेय, परियोजना निदेशक (डी०आर०डी०ए०) अनिरुद्ध सिंह चैहान, अशोक डी0सी0 मनरेगा, उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव तथा भूमि संरक्षण अधिकारी देवेन्द्र कुमार वर्मा उपस्थित रहे। इनके साथ ही जिला कृषि अधिकारी प्राची पाण्डेय, जिला उद्यान अधिकारी डा० बलदेव प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा० ए० के० बरनवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य रमाकान्त, अन्य जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी, प्रगतिशील कृषक ( बाबू लाल निषाद, श्री राम विलास, किरन कटियार, रमन, श्रीलाल, अनुज कुमार, सुन्दर सिंह आदि) उपस्थित रहे। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹263.14 लाख की जिला कृषि कार्ययोजना (आत्मा), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, दलहन-तिलहन मिशन तथा भूमि संरक्षण विभाग के तकनीकी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से प्रशासनिक स्वीकृति/अनुमोदन प्रदान की गई।

बैठक में उप कृषि निदेशक श्री हरीशंकर भार्गव द्वारा गत वर्ष की उपलब्धियों (कृषक प्रशिक्षण, प्रदर्शन, फार्म स्कूल) तथा पीएम-किसान योजना (अब तक 23 किस्तों में 3,75,373 कृषकों को ₹1227.284 करोड़ का हस्तांतरण) की समीक्षा की गई। इसके साथ ही भूमि संरक्षण अधिकारी श्री देवेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा पं० दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के तहत दो नवीन परियोजनाओं श्हारामऊ द्वितीयश् व श्संदनाश् (कुल बजट ₹37.83 लाख), राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (खेत तालाब) के अंतर्गत 17 नवीन तालाबों (₹8.925 लाख), विकसित भारत योजना (₹30.09 लाख), पाण्डु नदी पुनरुद्धार योजना (₹27.46 लाख) तथा आर०ए०डी० योजना के अंतर्गत श्गौरीश् कलस्टर (बजट ₹24.04 लाख) के तकनीकी प्रस्तावों को स्वीकृत कराया गया। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत जिले के 22 क्लस्टरों में पंजीकृत 2,750 किसानों की प्रगति की भी सराहना की गई।

मुख्य विकास अधिकारी महोदय श्री विधान जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिये गये कि अनुमोदित कार्यक्रमों का क्षेत्रीय कार्मिकों (ठज्डध्।ज्डध्प्राविधिक सहायकों) के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समस्त कार्यों का नियमित पर्यवेक्षण एवं भौतिक सत्यापन हो ताकि प्रगति केवल कागजों पर न रहकर धरातल पर परिलक्षित हो। कृषक हित शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, अतः क्रियान्वयन में लापरवाही मिलने पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि जनपद में प्राकृतिक खेती को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाए, जिससे गुणवत्तायुक्त एवं विषमुक्त खाद्यान्न उत्पादित किया जा सके तथा प्राकृतिक खेती के उत्पादों के सुगम विक्रय हेतु स्थानीय स्तर पर ही बाजार/मंडी उपलब्ध कराई जा सके।

भूमि संरक्षण अधिकारी को निर्देशित किया गया कि इकाई के सभी कार्यों का स्थानीय निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए तथा इन विकास कार्यों को माननीय जनप्रतिनिधियों की जानकारी में लाकर उनसे भी भौतिक निरीक्षण कराया जाए। इसके अतिरिक्त, भूमि संरक्षण बंधियों पर व्यापक वृक्षारोपण कराकर उन्हें स्थायित्व प्रदान किया जाए।अंत में, अध्यक्ष/मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों को समयावधि में शत-प्रतिशत पूर्ण करने, पारदर्शी लाभार्थी चयन में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने और एकीकृत कृषि प्रणाली (कृषि विविधीकरण) को बढ़ावा देने के निर्देश के साथ बैठक का समापन किया।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *