लखनऊ, पायनियर खेल संवाददाता। लखनऊ के कराटे खिलाड़ियों ने बांग्लादेश में आयोजित दक्षिण एशियाई कराटे चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत का गौरव बढ़ाया। टीम काता स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के साथ लखनऊ के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में रजत और कांस्य पदक भी जीते।
वर्ल्ड कराटे फेडरेशन व एशियन कराटे फेडरेशन के तत्वावधान में बांग्लादेश कराटे फेडरेशन द्वारा 15 से 19 जुलाई 2026 तक आयोजित 10वीं कैडेट, जूनियर, अंडर-21 व सीनियर दक्षिण एशियाई कराटे चैंपियनशिप और द्वितीय अंडर-14 दक्षिण एशिया कराटे कप में लखनऊ के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
बालक जूनियर टीम काता स्पर्धा में वेदांत सिंह, यश सिंह, विवान आहूजा, तन्मय पटेल की चौकड़ी ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। इस वर्ग में मेजबान बांग्लादेश की टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
कराटे एसोसिएशन ऑफ यूपी के महासचिव जसपाल सिंह ने बताया कि इस चैंपियनशिप में बालक व्यक्तिगत कैडेट काता स्पर्धा में श्रेष्ठ श्रीवास्तव ने रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस वर्ग का स्वर्ण पदक नेपाल के खिलाड़ी ने अपने नाम किया।
इसके अलावा टीम काता की स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य वेदांत सिंह ने बालक जूनियर कुमिते के 54 किलोग्राम से कम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक पदक और जोड़ा। उन्होंने बताया कि आद्या चौहान की स्पर्धा देर शाम को आयोजित की जाएगी।
लखनऊ के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय ने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि दक्षिण एशियाई स्तर पर खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में कराटे की मजबूत होती प्रतिभा और सुनियोजित प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि यही खिलाड़ी भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी देश व प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
कराटे एसोसिएशन ऑफ यूपी के चेयरमैन कुणाल सिल्कू (आईएएस), अध्यक्ष टीपी हवेलिया, कार्यकारी अध्यक्ष डा.सैयद रफत जुबैर रिजवी एवं आयोजन समिति के चेयरमैन संतोष जायसवाल एवं कराटे एसोसिएशन ऑफ लखनऊ के सचिव कृष्णा अवतार ने भी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।










