पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। महिंगवां थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। खेत के बंटवारे और हिस्सेदारी को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपने ही पिता की फावड़े से हमला कर निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। जिसने बेटे को पाल-पोसकर बड़ा किया,उसी पिता की जान जमीन के टुकड़े के लिए चली गई। जानकारी के मुताबिक,महिंगवां थाना क्षेत्र के अतरौरा गांव निवासी रामकुमार और उनके बेटे विनोद कुमार उर्फ महेंद्र के बीच लंबे समय से खेत के बंटवारे और हिस्सेदारी को लेकर विवाद चल रहा था।
शुक्रवार को खेत की मेड़ बनाने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। लेकिन देखते ही देखते विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान आरोपी बेटे ने गुस्से में आकर फावड़े से अपने पिता के सिर पर जोरदार वार कर दिया। अचानक हुए हमले से रामकुमार गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे,जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि किसी ने नहीं सोचा था कि पारिवारिक विवाद इतनी भयावह घटना का रूप ले लेगा।
पूरे गांव में घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतक की बेटी ने दी गई तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और मुखबिर की सूचना पर उसे बीकेटी पहाड़पुर रोड़ देवरी रुखारा की ओर जाने वाली नहर पुलिया के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा भी बरामद किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई कि खेत में हिस्सा कम मिलने और मेड़ बनाने को लेकर आरोपी गुस्से में था। इसी आक्रोश में उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। यह घटना समाज के लिए गंभीर चेतावनी है,जमीन-जायदाद और संपत्ति के विवाद अब केवल पारिवारिक कलह तक सीमित नहीं रह गए हैं,बल्कि धीरे-धीरे खूनी संघर्ष का रूप लेते जा रहे हैं। सामाजिक जानकारों का कहना है कि संवाद और आपसी समझ की कमी रिश्तों को खत्म कर रही है और छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का रास्ता अपनाया जा रहा है।










