विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावनात्मक संदेश जारी करते हुए समाज को बुजुर्गों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराया। मुख्यमंत्री ने अपनी विशेष ‘पाती’ के माध्यम से कहा कि आधुनिक जीवनशैली और बदलते सामाजिक परिवेश के बीच वृद्धजनों को सबसे अधिक जरूरत सम्मान, स्नेह और अपनत्व की है, लेकिन दुर्भाग्यवश कई बुजुर्गों को अपने ही लोगों की उपेक्षा और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में माता-पिता और गुरु को साक्षात ईश्वर का स्वरूप माना गया है। हमारे धार्मिक ग्रंथ और इतिहास भी हमें बुजुर्गों के सम्मान का संदेश देते हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता के वचन और सम्मान की रक्षा के लिए 14 वर्षों का वनवास स्वीकार किया था। वहीं भगवान गणेश ने अपने माता-पिता को ही संपूर्ण सृष्टि मानकर उनकी परिक्रमा की थी। ये प्रसंग हमें बताते हैं कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता और बुजुर्गों का स्थान कितना ऊंचा है।

सीएम योगी ने कहा कि वृद्धजनों का सम्मान केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और संस्कारों की पहचान है। समाज को यह समझना होगा कि जिन हाथों ने हमें चलना सिखाया, जिन लोगों ने अपने जीवन का हर पल हमारी खुशियों और भविष्य के लिए समर्पित किया, उन्हें जीवन के अंतिम पड़ाव में सहारे, सम्मान और संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है, न कि उपेक्षा और अकेलेपन की।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए पेंशन राशि बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा निराश्रित महिलाओं को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं और विभिन्न आवास योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सक्रिय जीवन के लिए योग बेहद महत्वपूर्ण है। आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है, जो बुजुर्गों के बेहतर स्वास्थ्य और जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश देती है। उन्होंने सभी वरिष्ठ नागरिकों से नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत में कहा कि वृद्धजनों का सम्मान केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। एक संवेदनशील और संस्कारित समाज वही होता है, जो अपने बुजुर्गों को सम्मान, सुरक्षा और स्नेह प्रदान करे। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपने परिवार और समाज के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशील बनें और उनके सम्मान व गरिमा की रक्षा में अपनी भूमिका निभाएं।










