बदबू आने पर परिजनों को घटना की जानकारी मिली
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। जानकीपुरम थाना क्षेत्र में मंगलवार को पीएचडी छात्र का तीन दिन पुराना शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। कमरे से तेज बदबू आने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार सेक्टर-नौ निवासी डॉ. राजेंद्र सिंह के परिवार में पत्नी सुनीता, बेटी शिवानी और बेटा आकाश राजपूत (28) रहते हैं। परिजनों के मुताबिक आकाश पीएचडी कर रहा था और अधिकांश समय अपने कमरे में अकेले रहता था। वह कई बार दो से तीन दिन तक कमरे से बाहर नहीं निकलता था और रात का खाना लेकर अपने कमरे में चला जाता था।
परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ समय से आकाश की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। मंगलवार को ग्राउंड फ्लोर पर बने उसके कमरे से तेज बदबू आने लगी। इस पर मां सुनीता ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर दरवाजे को जोर से धक्का दिया गया, जिससे वह खुल गया। कमरे के भीतर आकाश का शव अंगौछे के सहारे पंखे से लटका मिला। शव काफी हद तक सड़ चुका था। मां की चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही जानकीपुरम पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकीपुरम थाना प्रभारी विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल परिजन भी आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।










