शामली में धर्म परिवर्तन पर घमासान: कारोबारी के बेटे ने कहा- अपनी मर्जी से अपनाया इस्लाम, पत्नी को नहीं छोड़ूंगा

पिता ने लगाया जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप, बेटे ने किया खंडन

बोला- 13 साल से इस्लाम का अध्ययन कर रहा था, चार साल पहले किया निकाह

ब्यूरो सन्नी गर्ग। शामली

उत्तर प्रदेश के शामली में करोड़ों रुपये के कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठित मलिक परिवार में धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद गहरा गया है। दवा कारोबारी और शामली केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक उर्फ रहमान ने सोमवार को मीडिया के सामने आकर कहा कि उसने किसी दबाव, लालच या प्रलोभन में नहीं बल्कि अपनी इच्छा और समझ से इस्लाम धर्म स्वीकार किया है। उसने साफ कहा कि वह अब मुस्लिम है, पांच वक्त की नमाज अदा करता है और भविष्य में दोबारा धर्म परिवर्तन नहीं करेगा। दूसरी ओर, पिता देवराज मलिक का आरोप है कि उनके बेटे को प्रेमजाल में फंसाकर सुनियोजित तरीके से धर्म परिवर्तन कराया गया। उन्होंने जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी, उसके परिवार के सदस्यों और कुछ मौलवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की जांच पुलिस कर रही है।

मां पूजा करें, मैं नमाज पढ़ूंगा

मीडिया से बातचीत में आयुष मलिक ने कहा कि उसके माता-पिता हिंदू धर्म में आस्था रखते हैं और पूजा-पाठ करते हैं, जबकि वह इस्लाम के अनुसार जीवन जी रहा है। उसने कहा कि मेरे माता-पिता सुबह-शाम मंदिर जाते हैं, यह उनका अधिकार है। मैं पांच वक्त की नमाज पढ़ता हूं, यह मेरा फैसला है। दोनों अपने-अपने धर्म का पालन कर सकते हैं। आयुष ने कहा कि उसकी दाढ़ी भी इस्लामिक परंपरा के अनुसार है और वह लंबे समय से इस्लामिक रीति-रिवाजों का पालन कर रहा है।

एक-दो दिन में नहीं, वर्षों में लिया फैसला

आयुष ने कहा कि इस्लाम स्वीकार करने का फैसला अचानक नहीं लिया गया। वह किशोरावस्था से ही इस्लाम और मुस्लिम संस्कृति के बारे में जानकारी जुटा रहा था। उसके अनुसार, वर्ष 2012-13 के आसपास उसने इस्लाम को गंभीरता से समझना शुरू किया। इस दौरान उसने कई इस्लामिक विद्वानों के व्याख्यान सुने और धार्मिक साहित्य का अध्ययन किया। धीरे-धीरे उसका झुकाव बढ़ता गया और बाद में उसने इस्लाम स्वीकार कर लिया। उसने कहा कि ऐसा नहीं है कि किसी ने एक दिन मुझे कलमा पढ़वा दिया और मैं मुस्लिम बन गया। यह वर्षों की समझ और अध्ययन के बाद लिया गया फैसला था।

चार साल पहले किया निकाह, परिवार से छिपाई थी बात

आयुष ने दावा किया कि उसने करीब चार वर्ष पहले चांदनी कुरैशी से इस्लामिक रीति-रिवाजों के अनुसार निकाह किया था। उसने बताया कि परिवार को इसकी जानकारी तत्काल नहीं दी गई।आयुष के मुताबिक, उस समय उसकी बहन की शादी नहीं हुई थी और वह परिवार में किसी प्रकार का तनाव नहीं चाहता था। इसी कारण उसने निकाह और धर्म परिवर्तन की जानकारी सार्वजनिक नहीं की। उसने कहा कि मैंने किसी से झूठ बोलने की कोशिश नहीं की, सिर्फ सही समय का इंतजार कर रहा था।

पत्नी और उसके परिवार के साथ खड़ा हूं

पिता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए आयुष ने कहा कि उसकी पत्नी चांदनी और उसके परिवार का धर्म परिवर्तन में कोई रोल नहीं है। उसने कहा, “मैं अपने परिवार का भी हूं और चांदनी के परिवार का भी। किसी को नहीं छोड़ूंगा। मेरे परिवार ने जो आरोप लगाए हैं, उनके खिलाफ मैं सच के साथ खड़ा रहूंगा।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

पुलिस के अनुसार, आयुष मलिक करीब पांच साल पहले शहर के एक जिम में जाने लगा था। वहीं उसकी मुलाकात जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में दोनों ने निकाह कर लिया। पिछले कुछ महीनों में आयुष के पहनावे, दाढ़ी और धार्मिक गतिविधियों में आए बदलाव को लेकर परिवार को संदेह हुआ। बाद में धर्म परिवर्तन की जानकारी सामने आने पर विवाद बढ़ गया।

महंत के वीडियो के बाद मचा बवाल

मामला उस समय सार्वजनिक चर्चा में आया जब जनपद मुजफ्फरनगर के योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर ने वीडियो जारी कर दावा किया कि कारोबारी परिवार के बेटे का धर्म परिवर्तन कराया गया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभिन्न संगठनों ने विरोध दर्ज कराया और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। इसके बाद मामला तेजी से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया।

पिता का आरोप: बेटे को फंसाकर कराया धर्म परिवर्तन

दवा कारोबारी देवराज मलिक का आरोप है कि उनके बेटे को योजनाबद्ध तरीके से प्रभावित किया गया। उनका कहना है कि जिम ट्रेनर और उसके परिजनों ने बेटे को अपने प्रभाव में लेकर धर्म परिवर्तन कराया। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में अवैध वसूली, मानसिक दबाव और साजिश जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। देवराज मलिक का कहना है कि वह और उनकी पत्नी आज भी हिंदू धर्म का पालन कर रहे हैं तथा बेटे को वापस परिवार में लाने का प्रयास कर रहे हैं।

पुलिस जांच के घेरे में पूरा मामला

मामले में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान, दस्तावेज और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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