ग्रामीण पानी को तरसे, लेकिन कागजों में हैंडपंप दुरुस्त हो गए रास्ते बदहाल रहे

मगर फाइलों में ह्यूम पाइप भी बिछ गई

न खराब नल ठीक हुए, न रास्तों पर डली ह्यूम पाइप ग्रामीणों ने डीएम से की जांच और कार्रवाई की मांग

वैभव दीक्षित। सीतापुर

विकास खंड सकरन की ग्राम पंचायत सेमरा खुर्द में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के कथित बंदरबांट का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि हैंडपंप रिबोर और ह्यूम पाइप डालने के नाम पर करीब दो लाख रुपये की धनराशि निकाल ली गई, जबकि धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत में लगे 22 इंडिया मार्का हैंडपंपों में से छह हैंडपंप पिछले एक वर्ष से खराब पड़े हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कल्लूराम, कमलेश, साइना खां, प्रेम कुमार समेत अन्य स्थानों के खराब हैंडपंपों की मरम्मत नहीं कराई गई। आरोप है कि इसके बावजूद प्रधान जगरानी और सचिव प्रदीप चैधरी ने 14 अप्रैल को हैंडपंप रिबोर के नाम पर 1 लाख 41 हजार रुपये का भुगतान करा लिया। इतना ही नहीं, गांव के रास्तों में जल निकासी के लिए ह्यूम पाइप डालने के नाम पर 48 हजार 700 रुपये भी निकाल लिए गए।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र के किसी भी रास्ते पर ह्यूम पाइप नहीं डाली गई। केवल दो पाइप गांव के बाहर एक खेत के पास रखवा दी गईं, जो आज भी वहीं पड़ी हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिना कार्य कराए करीब 1 लाख 99 हजार 700 रुपये की सरकारी धनराशि फर्जी तरीके से निकाल ली गई। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। खंड विकास अधिकारी श्रीश कुमार गुप्ता ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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