पीलीभीत । प्रतिभा, मेहनत और लगन के दम पर 12 वर्षीय फातमा ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 6 की छात्रा फातमा का चयन मुजफ्फरनगर में आयोजित होने वाली सुपर विमेंस क्रिकेट लीग 2026 के लिए हुआ है। सबसे खास बात यह है कि वह 22 यार्ड क्रिकेट अकादमी की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं, जिन्हें किसी बड़ी क्रिकेट लीग में खेलने का अवसर मिला है।
फातमा ने करीब डेढ़ वर्ष पहले 22 यार्ड क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। अकादमी के मुख्य कोच रिजवान खान के मार्गदर्शन में उन्होंने गेंदबाजी की तकनीक सीखी और लगातार अपने खेल को निखारा। उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम अब सामने आने लगा है।
शनिवार को एसआरएमएस क्रिकेट ग्राउंड, बरेली में आयोजित एक मैच के दौरान फातमा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उन्होंने अपने तीन ओवर के स्पेल में मात्र आठ रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और बेहतरीन गेंदबाजी से प्रभावित होकर वहां मौजूद मुख्य कोच मनीष सिंह ने उनका चयन सुपर विमेंस क्रिकेट लीग 2026 के लिए कर लिया।
यह प्रतिष्ठित लीग न्यू मैक्स क्रिकेट ग्राउंड, एनएच-58, मुजफ्फरनगर में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता के आयोजक सुरेंद्र सिंह प्रधान हैं। इस लीग में विभिन्न जिलों और राज्यों की प्रतिभाशाली महिला क्रिकेटर भाग लेंगी, जहां फातमा को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
फातमा की इस उपलब्धि से उनके परिवार, विद्यालय और 22 यार्ड क्रिकेट अकादमी में खुशी की लहर है। अकादमी के कोचों का कहना है कि फातमा ने बेहद कम उम्र में अनुशासन, मेहनत और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनका चयन अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
फातमा की सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत क्रिकेट करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह 22 यार्ड क्रिकेट अकादमी के लिए भी गर्व का विषय है। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि वह सुपर विमेंस क्रिकेट लीग 2026 में भी शानदार प्रदर्शन कर अपने शहर, परिवार और अकादमी का नाम रोशन करेंगी। मेहनत और हौसले की उड़ान ने फातमा को नई पहचान दी है, अब निगाहें सुपर विमेंस क्रिकेट लीग में उनके प्रदर्शन पर टिकी हैं।
रिपोर्ट-अदनान खान










