अरुशा में 153वीं IPU विधानसभा: हरिवंश ने कश्मीर पर पाकिस्तान को दिया जवाब, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न सत्रों में लिया हिस्सा

रुशा: तंजानिया के अरुशा में आयोजित 153वीं अंतर-संसदीय संघ (IPU) विधानसभा के दूसरे दिन भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न समितियों और सत्रों में सक्रिय भागीदारी की। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने स्वास्थ्य, लोकतंत्र, मानवाधिकार, शांति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और महत्वपूर्ण खनिजों समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा में हिस्सा लिया।दिन की कार्यवाही के दौरान हरिवंश ने विधानसभा में पाकिस्तान की ओर से कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणियों पर जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
स्वास्थ्य संबंधी समिति में डॉ. संजय जायसवाल की भागीदारी
लोकसभा सांसद और आईपीयू की स्वास्थ्य संबंधी समिति के सदस्य डॉ. संजय जायसवाल ने समिति के विभिन्न सत्रों में हिस्सा लिया। उन्होंने समिति के साथ आयोजित एक क्षेत्रीय दौरे में भी भागीदारी की।स्वास्थ्य संबंधी समिति की बैठकों में वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य से जुड़े विषयों और संसदीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
लोकतंत्र और मानवाधिकार पर अनुराग ठाकुर ने रखा पक्ष
लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकतंत्र और मानवाधिकार संबंधी स्थायी समिति की बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने ‘सभी के लिए समावेशी सामाजिक विकास: दिव्यांगजनों के अधिकारों और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए संसदीय रणनीतियां’ विषय पर मसौदा प्रस्ताव को लेकर हुई बहस में भी भाग लिया।वहीं, राज्यसभा सांसद डॉ. सस्मित पात्रा ने भी इसी समिति की चर्चाओं में हिस्सा लिया और प्रस्ताव के मसौदे को तैयार करने में योगदान दिया।
शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर संसदीय कूटनीति की चर्चा
लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत ने शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी स्थायी समिति की बैठक में भाग लिया। उन्होंने ‘शांतिपूर्ण भविष्य को आकार देना: स्थायी शांति के लिए संसदीय कूटनीति, मध्यस्थता और संवाद’ विषय पर हुई चर्चा में अपने विचार रखे।डॉ. सस्मित पात्रा ने इसी समिति की पैनल चर्चा में ‘सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में शांति बनाए रखने में संसदों की भूमिका’ विषय पर भाग लिया। चर्चा में सैन्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच संसदों की भूमिका और शांति बनाए रखने की चुनौतियों पर विचार किया गया।
आतंकवाद और महत्वपूर्ण खनिजों पर भी चर्चा
लोकसभा सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने आतंकवाद से निपटने के लिए संसदीय प्रतिक्रिया को मजबूत करने से जुड़े विषय पर आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लिया। कार्यशाला का विषय था— ‘आतंकवाद के प्रति संसदीय प्रतिक्रिया को सुदृढ़ करना: आईपीयू संदर्भ प्रारूप प्रस्तुत करना।’उन्होंने ‘साझा समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण खनिज: संसदीय निगरानी को सुदृढ़ करना’ विषय पर आयोजित एक अन्य कार्यशाला में भी भागीदारी की। महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता, संसाधनों के प्रबंधन और संसदीय निगरानी जैसे मुद्दे इस चर्चा के केंद्र में रहे।
भारतीय प्रवासियों से भी मिला प्रतिनिधिमंडल
153वीं IPU विधानसभा के दूसरे दिन की औपचारिक बैठकों के बाद भारतीय उच्चायोग की ओर से भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारत और तंजानिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों की झलक देखने को मिली।इसके बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों के साथ संवाद किया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रवासी भारतीयों से बातचीत कर उनके अनुभवों और स्थानीय स्तर पर भारत-तंजानिया संबंधों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।153वीं IPU विधानसभा के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक स्तर पर शांति, सुरक्षा, मानवाधिकार, आतंकवाद, स्वास्थ्य और उभरती तकनीकों से जुड़ी चुनौतियों पर अंतर-संसदीय सहयोग को लेकर चर्चा जारी है।



