वेद प्रकाश पाण्डेय
सहारनपुर। रक्षाबंधन पर्व को लेकर महानगर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है, लेकिन इस बार राखियों और मिठाइयों के दामों में बढ़ोतरी ने लोगों की जेब पर असर डाला है। चीनी के दाम बढ़ने से मिठाइयों के रेट 40 से 60 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। त्योहार से दो दिन पहले महानगर की प्रमुख बाजार खलासी लाइन, शारदा नगर, नेहरू मार्केट, दिल्ली रोड और अंबाला रोड पर राखियों और मिठाइयों की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। दुकानदारों के अनुसार इस बार फैंसी राखियों की मांग अधिक है। बच्चों के लिए कार्टून वाली, भैया-भाभी सेट और चांदी की राखियों की कीमत 50 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक है।पिछले साल के मुकाबले सादी राखियों के दाम में भी 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। थोक विक्रेता बताते हैं कि कच्चे माल और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से राखियां महंगी हुई हैं। वहीं मिठाई विक्रेताओं का कहना है कि चीनी के भाव 44 रुपये से बढ़कर 48 रुपये प्रति किलो हो गए हैं, साथ ही मावा, घी और ड्राई फ्रूट्स भी महंगे हुए हैं। इसका सीधा असर मिठाइयों पर पड़ा है। बर्फी, लड्डू के दाम 400 से बढ़कर 460 रुपये किलो, काजू कतली 800 से 950 रुपये किलो और रसगुल्ला, गुलाब जामुन 280 से 340 रुपये किलो बिक रहे हैं।खलासी लाइन के मिठाई कारोबारी अंकित ने बताया कि चीनी महंगी होने से लागत बढ़ गई है। शारदा नगर में राखी विक्रेता सुनील का कहना है कि ग्राहक आ रहे हैं लेकिन महंगाई के कारण कम खरीदारी कर रहे हैं।दिल्ली रोड और अंबाला रोड पर स्थित गिफ्ट शॉप पर भी रक्षाबंधन के गिफ्ट पैक की बिक्री तेज है। नेहरू नगर में महिलाओं में हैंडमेड राखियों का क्रेज देखा जा रहा है। कुल मिलाकर त्योहार का उत्साह बरकरार है, लेकिन महंगाई ने इस बार बहनों के बजट को जरूर बिगाड़ा है।
सहारनपुर। रक्षाबंधन पर्व को लेकर महानगर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है, लेकिन इस बार राखियों और मिठाइयों के दामों में बढ़ोतरी ने लोगों की जेब पर असर डाला है। चीनी के दाम बढ़ने से मिठाइयों के रेट 40 से 60 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। त्योहार से दो दिन पहले महानगर की प्रमुख बाजार खलासी लाइन, शारदा नगर, नेहरू मार्केट, दिल्ली रोड और अंबाला रोड पर राखियों और मिठाइयों की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। दुकानदारों के अनुसार इस बार फैंसी राखियों की मांग अधिक है। बच्चों के लिए कार्टून वाली, भैया-भाभी सेट और चांदी की राखियों की कीमत 50 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक है।पिछले साल के मुकाबले सादी राखियों के दाम में भी 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। थोक विक्रेता बताते हैं कि कच्चे माल और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से राखियां महंगी हुई हैं। वहीं मिठाई विक्रेताओं का कहना है कि चीनी के भाव 44 रुपये से बढ़कर 48 रुपये प्रति किलो हो गए हैं, साथ ही मावा, घी और ड्राई फ्रूट्स भी महंगे हुए हैं। इसका सीधा असर मिठाइयों पर पड़ा है। बर्फी, लड्डू के दाम 400 से बढ़कर 460 रुपये किलो, काजू कतली 800 से 950 रुपये किलो और रसगुल्ला, गुलाब जामुन 280 से 340 रुपये किलो बिक रहे हैं।खलासी लाइन के मिठाई कारोबारी अंकित ने बताया कि चीनी महंगी होने से लागत बढ़ गई है। शारदा नगर में राखी विक्रेता सुनील का कहना है कि ग्राहक आ रहे हैं लेकिन महंगाई के कारण कम खरीदारी कर रहे हैं।दिल्ली रोड और अंबाला रोड पर स्थित गिफ्ट शॉप पर भी रक्षाबंधन के गिफ्ट पैक की बिक्री तेज है। नेहरू नगर में महिलाओं में हैंडमेड राखियों का क्रेज देखा जा रहा है। कुल मिलाकर त्योहार का उत्साह बरकरार है, लेकिन महंगाई ने इस बार बहनों के बजट को जरूर बिगाड़ा है।