बाढ़-बारिश से बर्बाद फसलों पर योगी सरकार का बड़ा फैसला, 9 लाख से ज्यादा किसानों को मिलेंगे 493 करोड़ रुपये

गोरखपुर, 11 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों को राहत देने के लिए योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार, 12 अक्टूबर को गोरखपुर से 9 लाख 18 हजार 91 किसानों के लिए 493 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि जारी करेंगे। यह धनराशि बाढ़, अतिवृष्टि, चक्रवात और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को दी जाएगी।
गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
प्राकृतिक आपदाओं ने फसलों को पहुंचाया नुकसान
प्रदेश में प्रतिकूल मौसम के चलते किसानों को फसल क्षति का सामना करना पड़ा है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष की पहली तारीख से 9 अक्टूबर तक 9,18,091 ऐसे किसानों की पहचान की गई है, जिनकी फसलें प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुई हैं।
बाढ़, भारी बारिश, चक्रवात और ओलावृष्टि के कारण हुए नुकसान को देखते हुए सरकार कृषि निवेश अनुदान के रूप में सहायता उपलब्ध करा रही है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में आए अर्नव चक्रवात के बाद फसल क्षति का मुद्दा और गंभीर हुआ।
जिलों को 169 करोड़ रुपये पहले ही जारी
राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, फसल क्षति के लिए कृषि निवेश अनुदान के तौर पर 169 करोड़ रुपये अग्रिम रूप से जिलों को जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा 1,29,326 किसानों को अब तक 78.75 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
सरकार की ओर से प्राकृतिक आपदाओं के अन्य मामलों में भी प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाई गई है। जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में 225.93 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है।
DBT से सीधे किसानों तक पहुंचेगा पैसा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम से किसानों के लिए अनुदान राशि जारी करेंगे। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी DBT के जरिए यह धनराशि किसानों तक पहुंचाई जाएगी। इसका उद्देश्य फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को आर्थिक मदद देना और खेती से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता करना है।
योगी सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम की मार से कृषि कार्य प्रभावित हुए हैं।



