सीएम डैशबोर्ड में सी और डी रैंक लाने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई- रविंद्र कुमार

जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, शासन के सभी लक्ष्यों को समयबद्ध और शत-प्रतिशत पूरा करने पर जोर

पायनियर समाचार सेवा। गाजियाबाद
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, जिला अनुश्रवण पुस्तिका (राजस्व) तथा राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन से मिले सभी लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में सी या डी रैंक प्राप्त करने वाले विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विभागों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए कहा कि यदि किसी विभाग में कार्यों में लापरवाही, गुणवत्ता की कमी, शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न होना या शासन के निर्देशों का पालन न किए जाने के कारण सी या डी रैंक प्राप्त होती है तो संबंधित विभागाध्यक्ष अथवा कार्यालयाध्यक्ष की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करें। शासन द्वारा निर्धारित सभी लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करते हुए विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल सके और विभागों का प्रदर्शन बेहतर हो।

राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कर एवं करेत्तर राजस्व वसूली, दैवीय आपदा प्रबंधन, मॉक ड्रिल कार्ययोजना, एंटी भू-माफिया अभियान, सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई, मिशन शक्ति के तहत महिलाओं के पक्ष में स्वीकृत पट्टों, स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन और आॅनलाइन खसरा कंप्यूटरीकरण की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने जनशिकायतों के निस्तारण, राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मामलों, विभिन्न कार्यालयों के निरीक्षण, अभिनव कार्यों, जनहित से जुड़े मुद्दों, आॅडिट आपत्तियों के निस्तारण, खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्यवाही, प्रवर्तन अभियान, अवैध खनन पर कार्रवाई तथा टास्क फोर्स की गतिविधियों की भी समीक्षा की। बैठक में उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के न्यायिक कार्यों की भी समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करें और शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें, ताकि जनसामान्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

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