शेयर बाजार में दूसरे दिन गिरावट;पश्चिम एशिया संकट से सेंसेक्स 238 अंक और टूटा

मुंबई। स्थानीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। एचडीएफसी बैंक में बिकवाली के दबाव के साथ अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से बीएसई सेंसेक्स 238 अंक टूटा, जबकि एनएसई निफ्टी में 51 अंक की गिरावट आई। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 238.41 अंक यानी 0.31 प्रतिशत टूटकर 77,470.11 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 371.19 अंक की गिरावट के साथ 77,337.33 अंक पर आ गया था। पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 50.80 अंक यानी 0.21 प्रतिशत के नुकसान के साथ 24,187.70 अंक पर बंद हुआ।

विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी ने शेयर बाजारों में जोखिम से बचने का माहौल बना दिया है। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में एचडीएफसी बैंक में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई और यह दो प्रतिशत नीचे आ गया। तिमाही वित्तीय परिणाम में मार्जिन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने से बैंक का शेयर नुकसान में रहा। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस और ट्रेंट में भी प्रमुख रूप से गिरावट आई। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाइटन शामिल हैं।

आॅनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों के जोखिम लेने से बचने के कारण भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। घरेलू स्तर पर, एचडीएफसी बैंक के नतीजों के बाद आई गिरावट से बैंक और वित्तीय क्षेत्र में हुए नुकसान ने दूसरे कुछ प्रमुख शेयरों में हुई बढ़त के असर को समाप्त कर दिया, जिससे मानक सूचकांक पर दबाव पड़ा। मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 0.20 प्रतिशत चढ़ा जबकि छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.16 प्रतिशत लाभ में रहा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चुनौतियों के बावजूद, मजबूत कॉरपोरेट नतीजों की उम्मीद और मांग-आधारित व्यापार अद्यतन के कारण मिडकैप (मझोली कंपनियां) अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा कि कुछ चुनिंदा बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इससे निजी बैंकिंग सेक्टर में कमजोरी से जुड़ी चिंताओं को कम करने में मदद मिली।

हालांकि, पश्चिम एशिया में फिर से बढ़े तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रहे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 1,121.04 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.66 प्रतिशत बढ़कर 90.03 डॉलर प्रति बैरल रहा। एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट लाभ में रहे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था। अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स सोमवार को 442.93 अंक टूटकर 77,708.52 अंक और निफ्टी 95.80 अंक की गिरावट के साथ 24,238.50 अंक पर बंद हुआ था।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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