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‘शी इज ए चेंजमेकर’ केवल शीर्षक नहीं, बदलाव का संकल्प : नायब सैनी

22 से अधिक राज्यों की महिला विधायकों के बीच बोले मुख्यमंत्री-विधानसभा जनता की आवाज को नीति में बदलने का मंच, तकनीक को जनसेवा और जवाबदेही का माध्यम बनाएं कविता। फरीदाबाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘शी इज ए चेंजमेकर’ केवल…

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‘शी इज ए चेंजमेकर’ केवल शीर्षक नहीं, बदलाव का संकल्प : नायब सैनी

22 से अधिक राज्यों की महिला विधायकों के बीच बोले मुख्यमंत्री-विधानसभा जनता की आवाज को नीति में बदलने का मंच, तकनीक को जनसेवा और जवाबदेही का माध्यम बनाएं

कविता। फरीदाबाद
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘शी इज ए चेंजमेकर’ केवल एक शीर्षक नहीं, बल्कि एक विचार और बदलाव का संकल्प है। लोकतंत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज और शासन व्यवस्था को नई दिशा दे रही है। विधानसभा केवल कानून बनाने का स्थान नहीं, बल्कि जनता की आवाज को नीति में बदलने का मंच है। ऐसे में महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। मुख्यमंत्री मंगलवार को फरीदाबाद में राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से आयोजित ‘She is a Changemaker’ कार्यक्रम के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा की धरती पर देश के 22 से अधिक राज्यों से पहुंची महिला विधायकों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि देश के विभिन्न हिस्सों से महिला जनप्रतिनिधि यहां एकत्र हुई हैं। उन्होंने कहा कि महिला विधायक उस शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो समाज को दिशा देने के साथ-साथ नीतियों और शासन को अधिक संवेदनशील बनाने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय कार्यशाला में महिला विधायकों ने केवल नई पहलों और योजनाओं की जानकारी हासिल नहीं की, बल्कि विधायी कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के नए तरीकों को भी समझा। राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित इस पहल को सराहनीय बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यशाला का प्रभाव केवल इस सभागार तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यहां साझा हुए विचार और अनुभव देश के आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनें, तभी इसका वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।
हरियाणा में महिलाओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने वर्ष 2020 में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देकर महिला नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023 में दशकों से लंबित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित कराने का ऐतिहासिक कार्य किया। इससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को नई मजबूती मिली है। नायब सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। आज हरियाणा की बेटियां शिक्षा, खेल, उद्योग, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में प्रदेश और देश का गौरव बढ़ा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि महिलाओं की सांस्कृतिक और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 500 महिला सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए गए हैं।
तकनीक बने जनसेवा का माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक ने जनप्रतिनिधि और जनता के बीच संवाद की पूरी तस्वीर बदल दी है। ऐसे में तकनीक का इस्तेमाल केवल संवाद स्थापित करने के लिए नहीं, बल्कि जनसेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने महिला विधायकों से आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्रों में तकनीक का अधिकतम उपयोग कर लोगों की समस्याओं को समझें और उनके समाधान को प्रभावी बनाएं। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में शामिल महिला जनप्रतिनिधि यहां से केवल प्रशिक्षण और अनुभव लेकर न लौटें, बल्कि नई दृष्टि, नए संकल्प और नई ऊर्जा के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में जाएं। उनके अनुभवों का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब इन दो दिनों में साझा किए गए विचार और अनुभव आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे, तभी ‘She is a Changemaker’ का संदेश वास्तव में सार्थक होगा। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग का विशेष आभार जताते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्यशाला के लिए हरियाणा को चुना जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।