शारदा नदी का पानी बना काल, एक माह से बंद है मैलानी-नानपारा रेल
मैलानी-नानपारा रेल बंद होने से बॉर्डर की जनता त्रस्त, यातायात का घनघोर संकट

तिकुनिया-खीरी। भारत-नेपाल सीमा की लाइफ लाइन कही जाने वाली मैलानी-नानपारा मीटरगेज रेल लाइन बीते 1 सितंबर से बंद पड़ी है। शारदा नदी का पानी सड़क किनारे आ जाने के कारण रेलवे ने दो जोड़ी ट्रेनों का संचालन रोक दिया था। तब से लगातार रेल बंद चल रही है। पिछले साल भी इसी तरह रेल बंद की गई थी।
रेल बंद होने से बॉर्डर क्षेत्र की लाखों जनता को भारी मुसीबत उठानी पड़ रही है। भारत-नेपाल सीमा का महत्वपूर्ण स्टेशन तिकुनिया से नेपाली नागरिकों सहित क्षेत्रीय लोग दूरदराज के शहरों को जाने के लिए तरस रहे हैं। तिकुनिया से बहराइच, गोंडा जाने के लिए डग्गामार साधन तक उपलब्ध नहीं हैं।
तराई विकास संस्थान के महामंत्री सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि यह रेल लाइन काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। जरा सी खराबी आते ही रेल संचालन बंद कर दिया जाता है, जिससे बॉर्डर की जनता को परेशानी होती है।
किराना व्यापार मंडल संघ के अध्यक्ष अनिल महावर ने बताया कि रेल बंद होने से व्यापारियों का व्यापार चौपट हो रहा है। छात्र संघ के प्रभात, सतीश, राकेश यादव ने बताया कि छात्रों को पलिया, नानपारा, बहराइच डिग्री कॉलेज जाने में भीषण मुसीबत हो रही है। मजदूर मुन्ना ने बताया कि इलाज के लिए पलिया-नानपारा पहुंचने में भारी दिक्कत हो रही है।
क्षेत्र के किसानों, मजदूरों, छात्रों और तराई विकास संस्थान ने रेलवे प्रशासन से अभिलंब रेल संचालन शुरू कराने की मांग की है।



