-ग्रामीणों का दावा- पांच-छह माह में नशे से जुड़े मामलों में 3-4 युवाओं की मौत, पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
शामली। चौसाना क्षेत्र के गांव खेड़ी खुशनाम में गुरुवार दोपहर से लापता युवक का शुक्रवार सुबह पड़ोसी के घर में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से सनसनी फैल गई। घटना के बाद ग्रामीणों में नशे के बढ़ते प्रचलन को लेकर आक्रोश है। ग्रामीणों ने गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।
जानकारी के अनुसार, गांव खेड़ी खुशनाम निवासी गौतम पुत्र बलविंदर गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे से लापता था। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे पड़ोसी के घर में गौतम का शव मिलने की सूचना से गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तत्काल डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर झिंझाना थाना प्रभारी विरेन्द्र कसाना, चौसाना चौकी प्रभारी राहुल कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही युवक की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। घटना के बाद ग्रामीणों ने गांव में बढ़ते नशे के प्रचलन को लेकर चिंता जताई। ग्रामीण नेपाल सिंह ने आरोप लगाया कि गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री बढ़ने से बड़ी संख्या में युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच-छह माह में नशे से जुड़े मामलों में तीन से चार युवाओं की मौत हो चुकी है। हालांकि, इन मौतों के नशे के कारण होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि नशे की लत पूरी करने के लिए पैसे नहीं मिलने पर कुछ युवा चोरी जैसी घटनाओं की ओर बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार की गई है। कुछ मामलों में कार्रवाई भी हुई, लेकिन नशे का प्रचलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। युवक की संदिग्ध मौत के बाद ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर युवाओं को इसकी गिरफ्त से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।