सीपीआर देकर बुजुर्ग की जान बचाने वाले सिपाही का हुआ सम्मान

वर्दी के फर्ज के साथ इंसानियत की मिसाल बने सिपाही को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। खाकी वर्दी का फर्ज केवल कानून-व्यवस्था संभालना ही नहीं, बल्कि जरूरत के वक्त लोगों की मदद के लिए आगे आना भी है। राजधानी लखनऊ में तैनात सिपाही संदीप यादव ने अपनी तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता से इसी जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है। बुजुर्ग अनिल की अचानक तबियत बिगड़ने पर उन्हें सीपीआर देकर मदद करने वाले सिपाही संदीप यादव को पुलिस कमिश्नर लखनऊ तरुण गाबा ने सोमवार को प्रशस्ति पत्र और नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। महानगर थाना क्षेत्र की रहीमनगर चौकी पर तैनात सिपाही संदीप यादव की इस पहल की पुलिस विभाग में सराहना हो रही है।
जानकारी के मुताबिक, सब्जी लेने आए बुजुर्ग अनिल की अचानक तबियत बिगड़ गई। ऐसे मुश्किल वक्त में संदीप यादव ने बिना देर किए उन्हें सीपीआर देकर सहायता पहुंचाई। उनकी इस तत्परता ने संकट की घड़ी में पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को उजागर किया।सिपाही संदीप यादव के सराहनीय कार्य को देखते हुए सोमवार को पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने उन्हें प्रशस्ति पत्र और नगद पुरस्कार प्रदान किया। इस दौरान उनकी तत्परता, सूझबूझ और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की गई।
सम्मान मिलने से पुलिसकर्मी के इस प्रयास को विभागीय स्तर पर भी पहचान मिली।संदीप यादव का यह प्रयास बताता है कि पुलिस की भूमिका केवल अपराधियों पर कार्रवाई करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है। आपात स्थिति में किसी जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आना भी पुलिस की सामाजिक जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है। पुलिस कमिश्नर की ओर से सम्मानित किए जाने के बाद यह पहल पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।



