सीलिंग-ध्वस्तीकरण पर रोक लगे, दोषी अफसरों की तय हो जवाबदेही
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा, आवासीय क्षेत्रों में व्यापार की अनुमति और कारोबारियों के पुनर्वास की मांग

पीलीभीत। आवासीय क्षेत्रों में संचालित दुकानों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। व्यापारियों ने आवासीय कॉलोनियों में व्यापार की अनुमति देने और वर्षों से विकसित बाजारों को नियमित करने के लिए स्पष्ट कानून बनाने की मांग उठाई।
ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की कॉलोनियों में पर्याप्त व्यावसायिक बाजारों की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग आवासीय क्षेत्रों में दुकानें संचालित कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि वे कमर्शियल बिजली बिल, हाउस टैक्स, जीएसटी और आयकर समेत विभिन्न करों का भुगतान करते हैं।
व्यापारियों ने कहा कि अवैध निर्माण के लिए केवल भवन स्वामियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। निर्माण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। मिलीभगत सामने आने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने ध्वस्तीकरण से प्रभावित कारोबारियों के पुनर्वास की व्यवस्था करने और आवासीय भवनों में दुकानों के संचालन को कानूनी मान्यता देने की मांग की। इस दौरान व्यापार मंडल युवा विंग के जिलाध्यक्ष शैली शर्मा, नाहिद खान, ऋषभ सिंह, हरीश सिंह, साहिल , शहबाज अहमद और गौतम गौहा समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।



