पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। महिगवां के गनेशपुर में निर्माणाधीन मकान की छत पर सो रहे सतीश यादव की हत्या के मामले ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया। पुलिस के मुताबिक,पारिवारिक जमीन के विवाद में सतीश के नाबालिक छोटे भाई ने ही उसकी हत्या की साजिश रची थी। हत्या को अंजाम देने के लिए 88 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था,जिसमें 58 हजार रुपए पहले ही दिए जा चुके थे। डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद की स्वाट/सर्विलांस टीम और महिगवां पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का राजफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया,जबकि नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया है।
एक अन्य आरोपित बलबीर की तलाश जारी है। 31 अगस्त की रात करीब एक से दो बजे के बीच सतीश गनेशपुर स्थित प्लाटिंग क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान की छत पर सो रहा था। वहां चौकीदारी करता था,पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आरोपित वहां पहुंचे और सोते हुए सतीश पर चाकू तथा लोहे की सरिया से कई वार कर दिए। हत्या के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। सतीश के पिता शिव बालक की तहरीर पर महिगवां थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मामला ब्लाइंड मर्डर होने के कारण पुलिस ने हत्यारों तक पहुंचने के लिए सर्विलांस,सीडीआर और मुखबिर तंत्र का सहारा लिया।
डीसीपी उत्तरी की सर्विलांस टीम और महिंगवा पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाली, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की जांच मृतक के छोटे भाई और उसके संपर्क में रहने वाले युवकों तक पहुंची| पूछताछ में हत्या की पूरी साजिश खुलकर सामने आई| पुलिस के अनुसार, सतीश को उसकी नानी की ओर से पारिवारिक संपत्ति के रूप में जमीन मिली थी। उसने पूर्व में जमीन बेचकर मिली रकम खर्च कर दी थी,इसके बाद वह पिता पर परिवार की अन्य जमीन में अपने हिस्से को बेचने का दबाव बना रहा था।
इसी को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद से क्षुब्ध होकर सतीश के छोटे भाई ने उसकी हत्या की योजना बनाई। उसने आनंद कुमार से हत्या के लिए 88 हजार रुपए में बात तय की और 58 हजार रुपए पहले ही दे दिए। इसके बाद आनंद कुमार ने दीपक रावत, रचित रावत और बलबीर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। इसके अलावा पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटर साईकिल (यूपी 32 एचएफ 3427) सुपर स्प्लेंडर व (यूपी 32 जीसी 7192) स्प्लेंडर बरामद की है। साथ ही एक चाकू और लोहे की सरिया भी मिली है|
इन्हे पुलिस ने घटना में प्रयुक्त आलाक़त्ल बताया है| पुलिस ने दीपक रावत (21), आनंद कुमार (22) व रचित रावत को गिरफ्तार किया है और करीब 17 वर्ष छह माह के नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। वहीं,मामले में वांछित बलबीर पुत्र मुन्नू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।