रुपया 47 पैसे चढ़कर 94.71 प्रति डॉलर पर

मुंबई। रुपया सोमवार को 47 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.71 (अस्थायी) पर रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने की घोषणा करने के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में मजबूत शुरुआत और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने भी रुपये को समर्थन दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.70 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 94.45 से 94.77 के दायरे में कारोबार करता रहा।

अंत में यह 94.71 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 47 पैसे की बढ़त है। रुपया शुक्रवार को 95.18 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। अमेरिका और ईरान ने 107 दिन तक चले युद्ध को समाप्त करने और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति जताई है। इस समझौते को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर के बाद शुक्रवार को अंतिम रूप दिया गया। ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर रविवार को इसकी घोषणा की। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम हुआ।

अधिकारियों के अनुसार, शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक तौर पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति में वृद्धि और अमेरिका-ईरान समझौते के बीच भारतीय रुपया लगातार दूसरे दिन मजबूत हुआ। इससे वैश्विक जोखिम वाली परिसंपत्तियों में तेज उछाल आया और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट ने भी रुपये को समर्थन दिया।

उन्होंने बताया कि डॉलर के मुकाबले रुपये के हाजिर भाव के मंगलवार को 94.20 से 94.95 के बीच रहने के आसार हैं। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.65 पर रहा। घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 4.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82.99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,082.18 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
इस बीच, देश में थोक मुद्रास्फीति मई में बढ़कर 9.68 प्रतिशत हो गई, जो अप्रैल में 8.26 प्रतिशत थी। र्इंधन व बिजली, विनिर्मित उत्पादों और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेज वृद्धि इसकी मुख्य वजह रही।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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