रोहन राठी हत्याकांड का खुलासा, मुठभेड़ में जीजा-साले घायल
-कार से टक्कर मारने के बाद मुंह दबाकर हत्या का आरोप, पुलिस ने बाइक, मोबाइल, कार और अवैध हथियार किए बरामद

मुजफ्फरनगर। पुरकाजी थाना क्षेत्र के हरेटी गांव के प्रधान और भारतीय किसान यूनियन के जिला सचिव विवेक राठी के बेटे रोहन राठी की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी आपस में जीजा-साले हैं। शुक्रवार रात भैंसानी पुल के नीचे चेकिंग के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गए। उपचार के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से मृतक की बाइक, मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, घटना में प्रयुक्त कार, दो तमंचे और 1070 रुपये बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने शुक्रवार को एसपी सिटी अमृत जैन और सीओ सदर सुनील कुमार के साथ प्रेस वार्ता कर हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरेटी गांव निवासी विवेक राठी के इकलौते बेटे रोहन राठी की बुधवार रात हत्या कर दी गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसओजी और पुलिस की कई टीमों को जांच में लगाया गया था। पुलिस ने घटना स्थल और अन्य साक्ष्यों को जुटाकर आरोपियों की पहचान की। एसएसपी के अनुसार, पुलिस टीम रात में इनपुट के आधार पर भैंसानी पुल के नीचे चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान भैंसानी की ओर से कार और बाइक पर आ रहे दो लोगों को पुलिस ने संदिग्ध मानते हुए रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर दोनों ने वापस भागने की कोशिश की। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें रुकने के लिए ललकारा तो आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें नाजिम पुत्र मुजफ्फर हुसैन और शावेज पुत्र इफजुर रहमान घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के मुताबिक उपचार के बाद पूछताछ में आरोपियों ने रोहन राठी की हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर मृतक की बाइक, एप्पल मोबाइल, स्मार्टवॉच, घटना में इस्तेमाल कार, दो तमंचे और 1070 रुपये बरामद किए गए। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस ने पांच प्रमुख साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा किया है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने सड़क किनारे खड़े रोहन राठी को पहले कार से टक्कर मारी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी मौके से चले गए, लेकिन बाद में वापस लौटे। पुलिस का कहना है कि उस समय रोहन जीवित था और आरोपियों ने उसका मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी चोटों से संबंधित तथ्यों की पुष्टि हुई है। सीडीआर के आधार पर भी मृतक और आरोपियों की लोकेशन घटना के समय एक ही स्थान पर मिलने की बात सामने आई है। पुलिस ने यह भी बताया कि रोहन की बाइक को मंगलौर में लावारिस हालत में खड़ा किया गया था, जबकि घटना में प्रयुक्त कार को छिपाने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में नाजिम ने बताया कि उसने रोहन को संदिग्ध बदमाश समझकर जानबूझकर कार से टक्कर मारी थी। टक्कर के बाद रोहन गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में नाजिम अपने साले के साथ दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस का दावा है कि उस समय रोहन जीवित था। आरोपियों को आशंका थी कि यदि रोहन जीवित रहा तो वह उनकी पहचान कर सकता है। इसी आशंका में उसका मुंह दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं और विवेचना के आधार पर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, रोहन राठी हत्याकांड को लेकर राष्ट्रीय लोक दल और भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को रोहन के परिजनों के साथ पुलिस कार्यालय पहुंचकर एसएसपी संजय कुमार वर्मा से मुलाकात की। रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी, भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी, पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारुखी समेत अन्य लोगों ने पुलिस से हत्याकांड का निष्पक्ष और सही खुलासा करने की मांग की। परिजनों ने घटना के खुलासे को लेकर अपनी आशंकाएं भी एसएसपी के सामने रखीं। एसएसपी ने परिजनों से बातचीत कर जांच और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और हत्याकांड में किसी भी भूमिका सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुलाकात के बाद पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारुखी ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित परिवार संतुष्ट है।



