रिटायर्ड एआरटीओ ललित कुमार गिरफ्तार, विवेचना में नहीं कर रहे थे सहयोग

छापेमारी के दौरान घर से करोड़ों की संपत्ति, 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और 1.62 करोड़ नकदी मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान की बड़ी कार्रवाई

पायनियर समाचार सेवा

लखनऊ। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा के तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) एवं वर्तमान में सेवानिवृत्त अधिकारी ललित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान उन्होंने विवेचना में अपेक्षित सहयोग नहीं किया तथा बरामद संपत्तियों, नकदी और आभूषणों के संबंध में संतोषजनक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए। इसके बाद उन्हें विधिक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि सात और आठ जुलाई को सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक आवास पर दो दिनों तक छापेमारी की थी।

कार्रवाई के दौरान 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी, 1.62 करोड़ रुपए नकद, हीरे के आभूषण तथा 35 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के निवेश एवं अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद होने का दावा किया गया था। इसके अलावा लखनऊ समेत विभिन्न स्थानों पर अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी जांच एजेंसी को मिले थे। सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारियों के अनुसार बरामद संपत्तियों और नकदी के संबंध में पूछताछ के दौरान ललित कुमार से आवश्यक दस्तावेज और आय के स्रोत का विवरण मांगा गया, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। सोमवार को रिटायर्ड एआरटीओ ललित कुमार को विवेचना में सहयोग नहीं करने पर उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

विवेचना में सहयोग नहीं करने पर हुई गिरफ्तारी

सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान ललित कुमार से घर से बरामद करोड़ों रुपये की नकदी, सोना, चांदी, हीरे के आभूषण और अन्य निवेश से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया। हालांकि वह इन संपत्तियों के संबंध में संतोषजनक जानकारी और अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके। विवेचना में सहयोग न करने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया।

2024 में दर्ज हुआ था आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा

ललित कुमार के खिलाफ वर्ष 2024 में एंटी करप्शन थाना, कानपुर मंडल में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। शासन की अनुमति मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने लगभग दो वर्षों तक मामले की विवेचना की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर छापेमारी की गई थी, जहां से करोड़ों रुपए की संपत्ति का खुलासा हुआ था।

दो दिन चली छापेमारी, मिला कुबेर का खजाना

सात जुलाई को उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की लगभग एक दर्जन अधिकारियों की टीम लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक आवास पर पहुंची थी। दो दिन तक चली छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में सोना, चांदी, हीरे के आभूषण, नकदी और कई बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए। जांच के दौरान बेड, अलमारी और दीवारों में छिपाकर रखी गई नकदी मिलने से अधिकारी भी हैरान रह गए। जांच एजेंसी के अनुसार बरामद संपत्ति का मूल्य करोड़ों रुपये में है और मामले की जांच अभी भी जारी है।

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