पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। मेटा अलर्ट की सूचना पर पुलिस मुख्यालय के निर्देश से अम्बेडकरनगर के थाना अकबरपुर की पुलिस ने मात्र आठ मिनट में व उन्नाव पुलिस ने मात्र 12 मिनट के अदंर पीड़ितों के घर पहुंच कर उनके प्राणों की रक्षा की। मेटा अलर्ट की सूचना पर प्राणों की रक्षा करने का ये पहला मामला नहीं बल्कि इससे पहले भी सोशल मीडिया पर आत्महत्या सम्बन्धी पोस्ट अलर्ट का संज्ञान ले कर कुल 3455 व्यक्त्तियों के प्राणों की रक्षा यूपी पुलिस कर चुकी है। अंबेडकरनगर के थाना अकबरपुर निवासी लगभग 22 वर्षीय युवक ने 30 जूलाई 2026 को गले में तार लपेटकर अब कुछ नहीं कर सकता हूँ, गुड बाई यह टेक्स्ट लिखकर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया गया।
उक्त पोस्ट के संबंध में 30 जूलाई को शाम 04:55 पर मेटा कंपनी की तरफ से मुख्यालय पुलिस महानिदेशक स्थित सोशल मीडिया सेन्टर को ई-मेल के ज़रिए एलर्ट प्राप्त हुआ। जिसका तत्काल संज्ञान लेकर उच्चाधिकारियों को संज्ञानित कराया गया। मुख्यालय ने उपलब्ध कराई गई सूचना एवं लोकेशन पर जनपद अंबेडकरनगर के थाना अकबरपुर के उप निरीक्षक आलोक शुक्ला तथा आरक्षी विभांशु विक्रम सिंह पीड़ित के घर मात्र आठ मिनट में पहुंच गए। जहां पुलिस कर्मियों ने पीड़ित के परिजनों को संबंधित पोस्ट की जानकारी देते हुए पीड़ित के पास पहुंचे और देखा की पीड़ित अपने गले में तार को लपेटकर ज़ोर से कस रहा था। पुलिस कर्मियों ने अविलम्ब परिजनों के सहयोग से पीड़ित के गले से तार को निकाला गया।
पीड़ित ठीक प्रकार से साँस नहीं ले पा रहा था और हाँफ रहा था। जहां पुलिस कर्मियों ने पीड़ित को घरेलू प्राथमिक उपचार किया गया। पीड़ित के सामान्य होने के उपरन्त पुलिस कर्मियों ने जानकारी किए जाने पर उसके द्वारा बताया गया कि वह एक लड़की से प्रेम करता है और अचानक उस लड़की ने पीड़ित से बात करना बंद कर दिया, जिस कारण पीड़ित मानसिक रूप से व्यथित था, इसी मानसिक तनाव के चलते उसके मन में आत्मघाती विचार उत्पन्न हुए और उसके द्वारा यह कदम उठा उठाया गया। इसके आलावा 31 जूलाई 2026 को जनपद उन्नाव के थाना आसीवन निवासी लगभग 20 वर्षीय युवक ने अपने भाई से रुपयों के लेन-देन के विवाद के कारण उत्पन्न अवसाद में आत्महत्या सम्बन्धी वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया।
उक्त पोस्ट के संबंध में 31 जूलाई की रात 12:19 पर मेटा कंपनी की तरफ से मुख्यालय पुलिस महानिदेशक स्थित सोशल मीडिया सेन्टर को ई-मेल के ज़रिए एलर्ट प्राप्त हुआ । जिसका तत्काल संज्ञान लेकर उच्चाधिकारियों को संज्ञानित कराया गया। जहां मुख्यालय ने उपलब्ध कराई गई सूचना एवं लोकेशन पर जनपद उन्नाव के थाना आसीवन के उप निरीक्षक हीरालाल, आरक्षी जितेश कुमार व आरक्षी विजय प्रताप यादव मात्र 12 मिनट में पीड़ित के घर पहुंच गए। तथा परिजनों को उसकी पोस्ट की जानकारी देकर तत्काल पीड़ित के पास पहुंचे, तो देखा कि पीड़ित के पास एक रस्सी पड़ी थी और एक कीटनाशक भरी हुई बोतल रखी थी। पीड़ित अत्यंत अवसाद की स्थिति में था। पुलिस कर्मियों ने बिना समय गंवाए पीड़ित के पास से कीटनाशक की बोतल को हटाया और उसको अलग ले जाकर समझाया गया।
पीड़ित के सामान्य स्थिति में आने पर पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर काम करता है। पीड़ित ने मोबाइल की किस्त जमा करने के लिए घर से बिना बताए रुपये ले लिए थे, जिस कारण उसके भाई ने उसको मारा और इसी कारण पीड़ित मानसिक रूप से अत्यंत व्यथित एवं अवसादग्रस्त हो गया था। इसी मानसिक तनाव के चलते उसके मन में आत्मघाती विचार उत्पन्न हुए, किंतु पुलिस के समय पर पहुँच जाने के कारण पीड़ित आत्मघाती क़दम नहीं उठा पाया। दोनों प्रकरणों में पुलिस कर्मियों ने समय से पहुंच कर, दोनों पीड़ितों को आत्महत्या करने से रोका गया व काउन्सलिंग की गई, जिस पर उनके द्वारा भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने का आश्वासन दिया गया।










