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अभिभावक बच्चों को डांटने के बजाय बनाएं अपना मित्र : राज्यपाल

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने सेक्टर-10 और दौलताबाद के सरकारी स्कूलों का किया निरीक्षण विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा कविता। फरीदाबाद हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने बुधवार को फरीदाबाद के दो सरकारी…

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अभिभावक बच्चों को डांटने के बजाय बनाएं अपना मित्र : राज्यपाल
  • राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने सेक्टर-10 और दौलताबाद के सरकारी स्कूलों का किया निरीक्षण
  • विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा

कविता। फरीदाबाद
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने बुधवार को फरीदाबाद के दो सरकारी स्कूलों का दौरा कर शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-10 और राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल दौलताबाद में कक्षाओं, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, बिजली, खेल सुविधाओं और मध्याह्न भोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया। राज्यपाल ने दोनों विद्यालयों में विकास कार्यों तथा विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही आर्थिक रूप से जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने की बात कही। विद्यालयों में पहुंचने पर राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष का उपायुक्त आयुष सिन्हा तथा विद्यालय प्रबंधन समितियों की ओर से स्वागत किया गया। राज्यपाल ने प्राथमिक कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के साथ अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में एसडीएम डॉ. हन्नी बंसल, जिला शिक्षा अधिकारी अंशु सिंगला, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी मूर्ति दलाल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक, अभिभावक और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अभिभावक-शिक्षक की साझी भूमिका

कार्यक्रम में अभिभावकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि बच्चों का समग्र विकास तभी संभव है, जब अभिभावक और शिक्षक मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं। शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है। खेल, स्वास्थ्य, अनुशासन, संस्कार और नैतिक मूल्यों का भी बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल, बेहतर शौचालय, खेल सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। राज्यपाल ने अभिभावकों से कहा कि प्रत्येक बच्चे में अलग-अलग प्रतिभा होती है। कोई पढ़ाई में अच्छा होता है तो कोई खेल या किसी अन्य क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। इसलिए अभिभावकों को बच्चों की रुचि और प्रतिभा पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को डांटने के बजाय प्यार और दुलार से समझाया जाए। अभिभावक बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें, ताकि वे अपनी समस्याएं और मन की बात खुलकर साझा कर सकें।

बच्चों को दिशा भी दें

प्रो. घोष ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि बच्चों के मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत भी हैं। शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और देश के प्रति समर्पण की भावना विकसित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को सही दिशा देने के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच निरंतर संवाद और बेहतर तालमेल जरूरी है। संयुक्त प्रयासों से ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार की जा सकती है।

खेल मैदान की व्यवस्था के दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने विद्यालय परिसर की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने पेयजल और शौचालयों की स्थिति देखी तथा साफ-सफाई व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। विद्यालय में खेल मैदान की कमी पर उन्होंने चिंता जताई और विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मध्याह्न भोजन की जानकारी लेते हुए बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने फरीदाबाद के एशियन जूनियर हॉकी स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी कुणाल तेवतिया, विद्यालय को आर्थिक सहयोग देने वाले एफआईए अध्यक्ष राज भाटिया, इंडो ऑटो टेक के निदेशक सतीश जैन, एफआईए के सीएसआर पैनल के चेयरमैन प्रतिनिधि सिद्धार्थ चावला तथा एस्कॉर्ट्स कुबोटा को सम्मानित किया।
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